दिल्ली में हुए भारत पर्व में उत्तराखंड के जायके की धूम, लोगों ने खूब उड़ाई मंडुवे-झंगोरे की दावत

भारत पर्व में मंडुवे से बने स्वादिष्ट व्यंजन और स्ट्रीट फूड लोगों की पहली पसंद बने रहे।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
Bharat purv uttarakhand: The flavors of Uttarakhand were celebrated in the Bharat Parv held in Delhi
Image: The flavors of Uttarakhand were celebrated in the Bharat Parv held in Delhi

देहरादून: दिल्ली के लालकिला मैदान में आयोजित भारत पर्व में उत्तराखंड की संस्कृति और यहां के व्यंजनों ने हर किसी का ध्यान खींचा।

The flavors of Uttarakhand were celebrated in the Bharat Parv held in Delhi

उत्तराखंड के फूड स्टॉल पर मिलेट्स से बने सामान की भारी डिमांड रही। पहाड़ में होने वाले मंडुवे से बने स्वादिष्ट व्यंजन और स्ट्रीट फूड लोगों की पहली पसंद बने रहे। भारत पर्व में हिस्सा लेने आए अमित कुमार दिल्ली वालों के लिए मिलेट्स से बने स्वादिष्ट व्यंजन और स्ट्रीट फूड लेकर आए। इसमें रागी, कुलती, झंगोरा आदि मोटे अनाज से बने व्यंजनों को डिस्प्ले किया गया था। इसमें रागी से बने नूडल्स, मोमोज, स्प्रिंग रोल, रोटी और रागी के भटूरे लोगों को बहुत पसंद आए। मिलेट्स स्पेशल थाली ने भी लोगों का खूब ध्यान खींचा। इसमें कुलथी यानि गहथ की दाल, रागी-मंडुवे की रोटी, पहाड़ी आलू की सब्जी, झंगोरा, खीर और चावल शामिल है।

मंडुवे के नूडल्स, मोमोज, स्प्रिंग रोल और भटूरे न सिर्फ लोगों के बजट में थे, बल्कि स्वाद और पौष्टिकता के मामले में भी ये टॉप पर हैं। रागी के सभी आइटम्स में 80 फीसदी रागी और 20 फीसदी गेहूं के आटे का इस्तेमाल किया गया। लोगों ने झंगोरे की खीर को बहुत पसंद किया। साथ ही गहथ और मंडुवा खरीदकर भी ले गए। मंडुवे में कैल्शियम समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जबकि कुलथ की दाल पथरी पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद है। बता दें कि भारत पर्व का आयोजन 23 से 31 जनवरी तक किया गया था। इस बार नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) द्वारा 15 स्ट्रीट फूड वेंडर्स को भारत पर्व में जगह मिली। यहां उत्तराखंड के स्टॉल ने हर किसी का ध्यान खींचा। भारत पर्व में देश भर के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग राज्यों के व्यंजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को पेश किया गया।