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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
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नैनीताल: उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कहीं बाघ-गुलदार आतंक का सबब बने हुए हैं तो कहीं भालू।
भीमताल में भी भालू का आतंक देखने को मिल रहा है। यहां लकड़ी लेने जंगल गए ग्रामीण युवक पर भालू ने हमला कर दिया। ग्रामीण ने भी साहस दिखाते हुए पत्थर मारकर भालू को जंगल की ओर भगा दिया और खुद किसी तरह गांव तक पहुंचा। भालू के हमले में युवक घायल हुआ है। सड़क नहीं होने से ग्रामीण घायल को डोली में बैठाकर छह किलोमीटर पैदल सड़क तक लाए। परिजनों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल भिजवाया। घटना ओखलकांडा ब्लॉक के तोक बरसिला की है। जहां लकड़ी लेने जंगल गए युवक पर भालू झपट पड़ा।
गुरुवार शाम 5 बजे सुरेश सिंह बोरा पुत्र जमन सिंह बोरा जंगल में लकड़ी लेने गया था। इस दौरान रास्ते में भालू ने सुरेश पर हमला कर दिया। घायल सुरेश ने हिम्मत दिखाते हुए भालू का सामना किया और पत्थर मारकर भालू को जंगल की ओर खदेड़ दिया। सुरेश के घावों से खून बह रहा था, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह गांव पहुंचने में कामयाब रहा। ग्रामीणों ने बताया कि भालू के हमले में सुरेश बुरी तरह जख्मी हुआ है। परिजन और ग्रामीण इलाज के लिए उसे डोली के सहारे मुख्य सड़क तक लाए। वहां से उसे हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए। ग्रामीणों ने गांव में जानवरों का आतंक बढ़ने के साथ ही सड़क न होने पर भी आक्रोश जताया है। उन्होंने वन विभाग से भालू को पकड़ने की मांग की है।