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हल्द्वानी: नगर निगम ने बनभूलपुरा के इंदिरा नगर इलाके में मलिक के बगीचे में बनी मस्जिद और मदरसे को तोड़ने की गुरुवार की दोपहर से तैयारी शुरू कर दी थी।
दोपहर ढाई बजे तक कोतवाली के बाहर हल्द्वानी के आसपास के थानों की फोर्स और तीन बस रिजर्व पुलिस की पहुंच गई थी। शाम 4 बजे पुलिस फोर्स के साये में नगर निगम की टीम अतिक्रमण ढहाने पहुंची, जिसका स्थानीय लोग विरोध करने लगे। किसी तरह पुलिस ने जेसीबी और टीम को भीतर पहुंचाया, लेकिन कार्रवाई शुरू होने से पहले ही तीन ओर से स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और विरोध करने लगे। लोगों को हटाने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। बमुश्किल टीम के लोग बैरिकेडिंग के पीछे छिपकर खुद को बचाते नजर आए।
प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद नगर निगम की जेसीबी भी तोड़ दी। इससे करीब 15 मिनट तक काम रुका रहा। इस बीच दूसरे जिलों से और फोर्स बुला ली गई। बाद में टीम ने दोबारा अतिक्रमण ढहाना शुरू किया तो लोगों ने फिर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। नगर निगम के ट्रैक्टर को पलट दिया। उपद्रवियों को रोकने के लिए पुलिस को कई राउंड आंसू गैस के गोले दागने पड़े। उपद्रवियों ने नगर निगम की जेसीबी तोड़ दी और पुलिस जीप, ट्रैक्टर समेत कई वाहनों पर आग लगा दी। छतों पर मौजूद युवा लगातार पथराव कर रहे हैं। देर शाम उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाना फूंक दिया। बवाल की सूचना पर हल्द्वानी का बाजार बंद हो गया। पत्थरबाजी और गोली लगने से छह लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हैं। पुलिस से लेकर पत्रकार और आमजन तक जख्मी हैं। बनभूलपुरा की घटना से पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।