धामी सरकार के वर्ष 2024-25 के बजट में सबसे खास बात ये है कि ये अधिक से अधिक लोगों तक पंहुचता है। पढ़िये...
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: uttarakhand 2024-25 90 thousand crores budget details
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कैबिनेट ने मंगलवार को 89,230.07 करोड़ का बजट पेश किया है। युवा शक्ति को खास जगह के साथ ही राष्ट्रीय खेलों के लिए भी अच्छा-खासा बजट दिया गया है।
युवा शक्ति पर फोकस
धामी सरकार ने बजट में सरकारी डिग्री कॉलेजों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने हेतु 10 करोड़ रुपए दिए हैं। इसके साथ ही एनईपी के तहत चल रही अनुसंधान योजना को के लिए 2 करोड़ की व्यवस्था की गई है। दरअसल आरटीई के तहत 94 हजार से ज्यादा बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। बजट में विज्ञान केंद्र चंपावत को तीन करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही उदीयमान खिलाड़ियों की छात्रवृत्ति के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राज्य और राष्ट्रीय युवा महोत्सव के लिए 10 करोड़ रुपए दिए गए हैं। प्रशिक्षण शिविर के लिए 5 करोड़ की व्यवस्था की गई है। पिथौरागढ़ स्पोर्ट्स कॉलेज भवन के लिए दो करोड़ का बजट रखा गया है। सबसे खास बात ये होगी कि अनुभव बढ़ाने के लिए छात्रों को राज्य से बाहर शैक्षिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा।
अंत्योदय कार्ड धारकों को साल में 3 सिलिंडर
धामी सरकार ने बजट में अधिक से अधिक जनता का ध्यान रखा है और 1,83,419 अंत्योदय कार्ड धारकों के निशुल्क गैस रिफिल के लिए साल में तीन सिलिंडर के लिए 54 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। खाद्यान्न योजना के लिए 20 करोड़ का बजट रखा गया है। आगे पढ़िये...
लोन और सब्सिडी
इसके साथ ही पीएम आवास योजना ग्रामीण के लिए 390 करोड़ का बजट दिया गया है। राज्य आंदोलकारियों के कल्याण और कोर्प्स फंड के लिए 44 करोड़ की व्यवस्था की गई है। विभिन्न विभागों की योजनाओं में सब्सिडी के लिए 679 करोड़ 34 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
पर्यटन और रोजगार
इसके साथ ही उत्तराखंड के सभी जिलों में हवाई संपर्क के लिए कदम उठाया जा रहा है। सड़क और पैदल यात्रा मार्गों के असुरक्षित पुलों से छुटकारा दिलाने की भी सरकार की योजना है। सभी जिलों में स्वरोजगार केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही जिला मुख्यालयों में ऑडिटोरियम और संस्कृति केंद्रों की स्थापना भी होगी।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में चार हजार सात सौ सैंतीस करोड़ तेरह लाख (रू0 4737.13 करोड़) का राजस्व सरप्लस सम्भावित है। नौ हजार चार सौ सोलह करोड़ तैतालिस लाख (रू0 9416.43 करोड़) का राजकोषीय घाटा होने का अनुमान है, जो कि सकल राज्य घेरलू उत्पाद का 2.38 प्रतिशत है।