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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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कहीं बारिश-बर्फबारी के चलते सड़कें बंद हैं तो कहीं पहाड़ दरक रहे हैं। रुद्रप्रयाग से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली तस्वीर आई है। यहां कालीमठ मार्ग पर पहाड़ी से बोल्डर गिरने से कार मलबे की चपेट में आ गई। जिससे कार के परखच्चे उड़ गए। गनीमत रही कि चालक पहले ही कूद कर निकल भागा, जिससे उसकी जान बच गई।
रुद्रप्रयाग में बीते दो दिनों से ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश जारी है। बारिश का असर हाईवे के साथ ही लिंक मार्गों पर भी दिखाई दे रहा है। बारिश से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे जगह-जगह जानलेवा बन गया है। आगे पढ़िए...
कालीमठ मार्ग पर पहाड़ी से बोल्डर गिरने से एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के वक्त देहरादून निवासी अनिल कुमार अपनी कार से गुप्तकाशी की ओर जा रहा था। तभी विद्यापीठ से आधा किलोमीटर आगे चट्टान टूटकर सीधे कार पर आ गिरी। जिससे कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। चालक ने समय रहते कार से छलांग न लगाई होती तो उसकी जान पर बन आती।
उधर भारी बारिश के चलते देर रात को कालसी चकराता मोटर मार्ग जजरेड के पास बंद हो गया था। यहां पहाड़ी से भूस्खलन होने भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया था। तीन घंटे बाद कहीं जाकर सड़क को खोला जा सका। आप भी पहाड़ की यात्रा पर जाते वक्त सावधानी बरतें।