CAA नागरिकता नहीं देता है, वरन यह किसी व्यक्ति को, भारत की नागरिकता के लिए, आवेदन करने के योग्य बनता है। आज से भारत में लागू हो गया है CAA..
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: CAA implemented in India
देहरादून: CAA नागरिकता नहीं देता है, वरन यह किसी व्यक्ति को, भारत की नागरिकता के लिए, आवेदन करने के योग्य बनता है।
CAA Implemented in India
आज से हमारे देश में 'नागरिकता संशोधन अधिनियम' (सीएए) के नियम लागू हो गए हैं। मोदी सरकार ने आज सोमवार शाम, नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर बड़ी अपडेट दी। सरकार ने CAA की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार कर लिया गया है। पोर्टल के जरिए गैर मुस्लिम प्रवासी समुदाय के लोग नागरिकता पाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक गृह मंत्रालय द्वारा इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद अब केंद्र सरकार ने CAA लागू करने की पूरी तैयारी कर दी है। देशभर में सीएए और एनआरसी को लेकर अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है। आगे पढ़िए...
कहीं इसे लेकर विरोध हो रहा है, तो कहीं इसके सपोर्ट में प्रदर्शन हो रहा है। पर इधर भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के चुनाव से पहले CAA लागू कर अपना एक और एजेंडा पूरा कर दिया है, अब बीजेपी ये कह सकती है कि जो कहा वो किया। जाहिर तौर पर लोकसभा चुनाव में बीजेपी इसका फायदा लेगी। CAA नागरिकता नहीं देता है, वरन यह किसी व्यक्ति को, भारत की नागरिकता के लिए, आवेदन करने के योग्य बनता है। ये कानून उन लोगों पर लागू होता है जो लोग 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले 3 देशों - पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए थे। जो लोग अपने देशों से धार्मिक उत्पीड़न की वजह से भारत आए हैं, और उन भाषाओं को बोलते हैं, जो संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल हैं, ऐसे लोग भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।