महिलाओं को मंडुवे के लड्डु, बिस्किट और नमकीन बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। आने वाले दिनों में महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद मार्केट में दिखाई देंगे।
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कोमल नेगी
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Image: Women will get employment from Mandwa in rural areas govt providing training
देहरादून: उत्तराखंड में मिलने वाला मोटा अनाज स्वाद से लेकर स्वास्थ्य तक हर पैमाने पर खरा उतरता है।
Women Coarse Grains Group Training In Vikasnagar
राज्य सरकार मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा दे रही है, साथ ही इसके माध्यम से लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासनगर में महिलाओं को मंडुवे के लड्डु, बिस्किट और नमकीन बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। आने वाले दिनों में महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद मार्केट में दिखाई देंगे। कालसी ब्लॉक के ग्राम पंचायत व्यास नहरी में 30 महिलाओं के समूहों के द्वारा मंडुवे के आटे से विभिन्न प्रकार के खाद्य सामग्रियों को तैयार किया जा रहा है। महिलाएं स्वरोजगार से आत्मनिर्भर हो रही हैं।
महिलाएं यहां मंडुवे के आटे से लड्डू, पापड़, बिस्कुट और नमकीन जैसे कई उत्पाद तैयार कर रही हैं। इसके लिए महिलाओं को 18 दिवसीय रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया गया है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड में उत्पादित मोटे अनाजों का अधिक से अधिक उत्पादन करने पर जोर भी दिया जा रहा है। उत्तराखंड में मुख्य रूप से कोदा (मंडुवा), चौलाई और झंगोरा आदि उगाया जाता है। साथ ही ग्रामीण महिलाओं को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मंडुवे के आटे से अलग-अलग तरह के उत्पाद बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वो इसे रोजगार के रूप में अपना कर आत्मनिर्भर बन सकें।