देहरादून में एक नाबालिग लड़की ने नए स्कूल में एडमिशन से नाराज होकर अपने अपहरण की झूठी जानकारी दी। गहराई से मामले की जांच-पड़ताल हुई तो खुद पुलिस हैरान रह गई।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Didnt want to leave old school Girl creates false kidnapping story
देहरादून: देहरादून में एक नाबालिग लड़की ने नए स्कूल में एडमिशन से नाराज होकर अपने अपहरण की झूठी जानकारी दी। गहराई से मामले की जांच-पड़ताल हुई तो खुद पुलिस हैरान रह गई।
Unhappy for Leaving School, Girl creates false kidnapping story
देहरादून के पटेल नगर थाना पुलिस को 15 अप्रैल को उनके क्षेत्र की एक नाबालिग बच्ची के अपहरण की सूचना मिली थी। इस अपहरण केस की जाँच में हैरान करने वाले सच का खुलासा हुआ है। देहरादून के चमन विहार कॉलोनी में एक नाबालिग लड़की के अपहरण का प्रयास किया गया। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम गठित की और मामले की जाँच पड़ताल शुरू की। जाँच में कोई संदिग्ध युवक नहीं मिला तो पुलिस ने बच्ची की काउंसलिंग की जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया।
मैं जैसे-तैसे खुद को बचाकर वहां से भाग आई
बच्ची की क्यूटनेस भरी कहानी ने मां-बाप की जान ही निकाल दी। देहरादून में एक 13 साल की नाबालिग बच्ची ने अपने घर पर बताया कि उसे स्कूल के रास्ते में कोई अनजान गाड़ी वाला उसे घूर रहा था, और उसने नाबालिग का अपहरण करने की कोशिश भी की। लेकिन वो जैसे-तैसे खुद को बचाकर वहां से भाग गई। नाबालिग बच्ची ने जब ये खबर अपने पैरेंट्स को दी तो उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस को सूचना मिलते ही शिकायत दर्ज कर मामले जाँच शुरू की। पुलिस टीम ने लड़की के बताए गए एरिये के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। लेकिन पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से कोई भी संदिग्ध मामला या गाड़ी नहीं मिली। जिसके बाद नाबालिग बच्ची से जब दुबारा पूछताछ की गई। जिसके बाद सारा सच सामने आया।
पहले दिन नए दोस्त नहीं बना सकी तो कहानी बना दी
नाबालिग लड़की ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि उसने ये सब झूठ कहा था। दरअसल लड़की अपने नए स्कूल में एडमिशन करने के कारण अपने घरवालों से नाराज थी। लड़की ने बताया कि वह ओलंपस हाई स्कूल में पढ़ती थी, लेकिन इस साल उसका एडमिशन माउंट लिटरेरी स्कूल में कराया गया। जहां उसका पहले दिन कोई भी दोस्त नहीं बना तो उसने पुराने स्कूल में वापस जाने का सोचा। जिसके लिए उसने ये जब झूठ बोला ताकि उसके पैरेंट्स उसका एडमिशन वापस से पुराने स्कूल में करें।
कभी कभी बच्चे की भी बात मान लें पेरेंट्स
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि बच्ची नए स्कूल में नहीं जाना चाहती है। जिसके लिए बच्ची के पैरेंट्स को उसके साथ जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए। हर बच्चे का अपना एक मैंटल लेबल होता है। पैरेंट्स को बच्ची की बात मान लेनी चाहिए। सारा मामला सामने आने के बाद नाबालिग बच्ची के पैरेंट्स ने पुलिस को लिखित तौर पर बताया है कि, मामले पर कोई कार्रवाई ना की जाए।