यूपीसीएल ने इस वर्ष बिजली के बिलों में 7 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। लेकिन अगर आप प्रीपेड मीटर लगवाते हैं तो आपको बिजली के बिलों में सब्सिडी मिलेगी।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: 4 percent discount in electricity bill with prepaid meter
देहरादून: अब उपभोक्ता साल में एक बार सामान्य से प्रीपेड और प्रीपेड से सामान्य कनेक्शन में परिवर्तन कर सकता है। जिससे प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल में तीन से चार प्रतिशत की छूट मिलेगी।
Prepaid Meters Will Get 4 Percent Discount in Electricity Bills
उत्तराखंड के बिजली उपभोगताओं के लिए इस साल यूपीसीएल ने दोहरा झटका दिया है। एक तरफ जहाँ यूपीसीएल ने फ्यूल चार्ज एडजस्टमेंट के नाम पर सात पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ा दिए थे तो दूसरी तरफ लोकसभा इलेक्शन के बाद बिजली बिल की दरों में सात प्रतिशत तक की वृद्धि की गई, जिस कारण बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह दोहरा झटका साबित हुआ।
प्रीपेड मीटर में मिलेगी बिजली के बिलों में छूट
विद्युत नियामक आयोग ने प्रीपेड मीटर लगाने को लेकर ऊर्जा निगम को दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में ऊर्जा निगम ने आम बिजली उपभोक्ताओं से प्रीपेड मीटर लगाने के लिए विकल्प मांगे हैं। सालभर में उपभोक्ता सिर्फ एकबार ही सामान्य से प्रीपेड और प्रीपेड से सामान्य में अपना बिजली कनेक्शन बदलवा सकता है। प्रीपेड कनेक्शन लेने पर बिजली मूल्य के तुलना में सिक्योरिटी नहीं ली जाएगी, लेकिन मीटर की लागत और उपकरण सामग्री की सिक्योरिटी ली जाएगी और बीपीएल से ये सिक्योरिटी नहीं ली जाएगी। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ये छूट चार प्रतिशत और अन्य उपभोक्ताओं को तीन प्रतिशत छूट मिलेगी। अस्थाई कनेक्शन में किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी।
न्यूनतम रिचार्ज 100 रुपए से शुरू
आयोग के निर्देशानुसार सभी उपभोक्ताओं से प्रीपेड मीटर के विकल्प मांगे गए हैं। प्रीपेड मीटर के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में छूट देने का भी प्रावधान है। प्रीपेड मीटर में न्यूनतम रिचार्ज 100 रुपये और अधिकतम रिचार्ज 15 हजार का किया जा सकेगा और उपभोक्ताओं को वोल्टेज रिबेट, सरचार्ज, पॉवर फैक्टर सरचार्ज, अधिक भार पर पैनल्टी नहीं लगाई जाएगी। प्रीपेड मीटर लेने से पहले यदि पिछले बकाया का भुगतान नहीं किया गया, तो 20 से 50 प्रतिशत तक का बकाया पैसा समायोजित होगा।