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देहरादून: शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए इस योजना की शुरुआत हुई थी। जिन शिक्षकों को यह पुरुस्कार मिलता है उन्हें धनराशि और प्रशस्ति पत्र के साथ शिक्षक की इच्छा पर दो साल का सेवा विस्तार भी दिया जाता है।
अक्सर प्रदेश के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर उंगलियां उठती हैं, जनता आरोप लगाती है कि इतना वेतन लेने के बाद भी सरकारी शिक्षक बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध नहीं करवाते हैं। जिसके चलते उत्तराखंड सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ के साथ-साथ शिक्षकों को मोटिवेटेड रखने के लिए 'शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार' का शुभारम्भ वर्ष 2021 में किया था। जिसके तहत शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर सम्मानित किया जाता है। वर्ष 2024 के लिए भी इसकी आवेदन प्रक्रिया कल 15 मई से शुरू करने के आदेश शिक्षा विभाग ने जारी कर दिए हैं और 10 जुलाई अंतिम तिथि होगी।
प्रत्येक साल राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तमाम शिक्षकों को 'शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार' नवाजा जाता है। पिछले साल 2023 में सरकार ने प्रदेश के 17 शिक्षकों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया था। जिसमें 11 शिक्षक प्रारंभिक शिक्षा, 5 शिक्षक माध्यमिक शिक्षा और 1 शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान के शामिल थे। सम्मानित शिक्षकों को न सिर्फ पुरस्कार दिया जाता है बल्कि धनराशि, प्रशस्ति पत्र और शिक्षक की इच्छा पर ही उन्हें दो साल का सेवा विस्तार भी दिया जाता है।