बदरीनाथ सीट: राजू भंडारी के खिलाफ निर्दलीय खड़े हो रहे थे भाई वीरू भंडारी, वापस लिया नाम

प्रदेश में अगले महीने दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जिसमें कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियां जीत के दावों के साथ मैदान में उतर रही हैं।
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Badrinath Assembly By-election: Virendra Bhandari Has Decided Not To Contest in Badrinath By-Election
Image: Virendra Bhandari Has Decided Not To Contest in Badrinath By-Election

चमोली: भाजपा के लिए राहत भरी खबर है क्यूंकि बीजेपी के मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र भंडारी ने निर्दलीय बदरीनाथ उपचुनाव में खड़े होने का फैसला वापस ले लिया हैं। वे पूर्व विधायक राजेंद्र भंडारी के चचेरे भाई हैं, आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से मुलाकात के बाद उन्हें मना लिया गया और वे टिकट वापस लेने के लिए राजी हो गए।

Virendra Bhandari Has Decided Not To Contest in Badrinath By-Election

बदरीनाथ लोकसभा सीट पर कांग्रेस से राजेंद्र भंडारी विधायक थे, लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजीपी ज्वाइन की जिस कारण उनकी विधायकी भी चली गई। इसलिए बदरीनाथ विधानसभा सीट खाली चल रही है, वहीं दूसरी तरफ मंगलौर में भी विधायक के मृत्यु के बाद वहां पर भी उपचुनाव होने हैं यहाँ से भाजपा प्रत्याशी करतार सिंह भड़ाना ने नामांकन किया है। अब बदरीनाथ सीट पर भाजपा ने कांग्रेस के बागी और पूर्व विधायक राजेंद्र भंडारी को ही टिकट दिया है इसका कई बीजेपी के नेताओं ने विरोध भी किया लेकिन उन्हें मना लिया गया, पर राजेंद्र सिंह भंडारी के चचेरे भाई वीरेंद्र पाल सिंह भंडारी जो अभी बीजेपी के मंडल अध्यक्ष हैं वे नहीं माने और उन्होंने निर्दलीय उपचुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था।

मुख्यमंत्री से मुलाक़ात के बाद टिकट लिया वापस

उनके इस फैसले से भाजपा असहज हो गई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उन्हें मना लिया और वीरेंद्र पाल सिंह भंडारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताया कि वे निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन कर चुके थे, लेकिन फिर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने उनकी बात सुनकर सीएम धामी जी से उनकी मुलाक़ात कराई और तब जाकर उन्होंने अपना फैसला बदला साथ ही कहा है कि अब वे पूरी जिम्मेदारी के साथ उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को जिताने का काम करेंगे।