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उधमसिंह नगर: यहाँ आबकारी अधिकारी को 70,000 रुपए रिश्वत लेते विजलेंस की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा है। अधिकारी शराब कारोबारी से अधिभार उठान के एवज में ले रहा था रिश्वत।
प्रदेश में भ्रष्टाचार की समस्या गंभीर है, जिसमें सभी विभाग किसी न किसी रूप में लिप्त हैं। सरकारी अधिकारियों से लेकर निजी संगठनों तक हर स्तर पर भ्रष्टाचार का जाल फैला हुआ है, जिससे विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है। आज एक नया मामला उधमसिंह नगर जिले से आया है जहाँ पर विजीलेंस की टीम ने आबकारी अधिकारी अशोक मिश्रा को रिश्वत लेते दबोचा है। विजीलेंस की टीम ने जिला आबकारी अधिकारी के घर की तलाशी लेने के साथ-साथ उनकी संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी है।
एसएसपी विजिलेंस धीरेंद्र सिंह गुंज्याल ने जानकारी दी कि आबकारी अधिकारी अशोक मिश्रा शिकायतकर्ता शराब कारोबारी से अधिभार (ओवरलोडिंग) के नाम पर एक प्रतिशत रिश्वत मांग रहा था, इस सम्बन्ध में शिकायतकर्ता ने विजलेंस से शिकायत की थी। अधिकारी ने कुल एक लाख की रिश्वत मांगी थी और कारोबारी ने अशोक मिश्रा को 30 हजार रुपए पहले दे दिए थे और 70 हजार शेष थे। विजलेंस टीम की दबिश पर अशोक मिश्रा को 70 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया गया। सीएम पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के तहत भ्रष्टाचारियों पर लगातार हो रही कार्रवाई से भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विजिलेंस के अनुसार जिला आबकारी अधिकारी उधमसिंहनगर के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि शराब उठाने के परमिट को लेकर यह अधिकारी ठेकेदारों को अक्सर टालमटोल कर रहा था।