विद्यालयों के लिए समग्र शिक्षा के तहत दी गई धनराशि समय पर खर्च न होने पर, शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand Education Dept Freezes Salaries of 13 thousand employees
देहरादून: शिक्षा महानिदेशक के आदेश से 108 अधिकारियों और 13625 प्रधानाध्यापकों के वेतन पर रोक लगा दी गई है। शिक्षा महानिदेशक ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के अंदर दी गई धनराशि का सही तरीके से उपयोग नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई दर्ज की जाएगी।
Uttarakhand Education Dept. Freezes Salaries of 108 Officers and 13625 Headmasters
शिक्षा विभाग की स्थिति कुछ ऐसी है कि विद्यालयों की मरम्मत और छात्रों की ड्रेस के लिए आवंटित की गई धनराशि में से 13,668 स्कूलों ने एक भी पैसा खर्च नहीं किया है। इसपर शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने वेतन रोकने का आदेश किया है। उन्होंने कहा है कि विद्यालयों में समग्र शिक्षा के तहत उपलब्ध सुविधाओं का लाभ छात्रों को समय पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। छात्रों की स्कूल ड्रेस और अन्य मुफ्त सुविधाओं में किसी भी हालात में देरी नहीं होनी चाहिए। अब तक विद्यालयों ने अनुदान का उपयोग नहीं किया, जो छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों और प्रबंधन के लिए आवश्यक था। धनराशि का समय पर उपयोग न होने पर केंद्र सरकार नाराज है और इसपर शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जुलाई माह का वेतन रोका गया है
महानिदेशक शिक्षा ने कहा कि इससे पहले भी अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं, लेकिन अधिकारियों ने न तो धनराशि के उपभोग की समीक्षा की है और न ही लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कोई कार्रवाई की है। इसके कारण स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने बताया कि 13 मुख्य शिक्षा अधिकारियों, 95 विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और 13625 प्रधानाध्यापकों तथा प्रधानाचार्यों का जुलाई माह का वेतन तब तक रोका जाएगा, जब तक वे समस्त धनराशि का नियमानुसार उपभोग नहीं कर लेते। समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक बंशीधर तिवारी ने निर्माण कार्यों में देरी पर ग्रामीण निर्माण विभाग को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि 2-3 साल से पैसे मिलने के बावजूद कई काम शुरू नहीं हुए हैं, साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अगर काम में तेजी नहीं आई तो धनराशि वापस लेकर अन्य संस्था से काम कराया जाएगा।