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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
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अल्मोड़ा: यदि आपका नाबालिग बच्चा भी स्कूटी या अन्य वाहन चला रहा है, तो उसे तुरंत रोकें। नहीं तो आपको हजारों रुपये का चालान भरना पड़ सकता है, क्योंकि पुलिस एमवी एक्ट के तहत नाबालिगों को वाहन चलाते पकड़े जाने पर अभिभावकों के खिलाफ मोटा चालान कर रही है।
पुलिस लगातार अभिभावकों को अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी प्रकार का वाहन देने से मना कर रही है, लेकिन वे लापरवाही करके उन्हें वाहन दे रहे हैं। परिणामस्वरूप पुलिस को मजबूरन चालान जारी करना पड़ रहा है। पहला मामला अल्मोड़ा जनपद के रानीखेत का है जहाँ पर पुलिस मजखाली में चेकिंग कर रही थी, तभी उन्होंने एक उम्र में कम प्रतीत होते युवक को रोका जब पुलिस ने जाँच की तो वह नाबालिग निकला उसकी उम्र 16 वर्ष 5 महीना पाई गई। ऐसे में पुलिस ने वाहन को सीज कर दिया और अभिभावक को मौके पर बुलाकर धारा 199 ए एमवी एक्ट के तहत 25 हजार रुपए का कोर्ट चालान किया गया। साथ ही काउंसलिंग करते हुए बच्चे को भविष्य में वाहन न देने की हिदायत दी है।
दूसरा मामला जनपद पिथौरागढ़ का है जहाँ पर पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान 18 वर्ष से कम आयु के एक किशोर को टू व्हीलर चलाते हुए पकड़ा, पुलिस ने वाहन को सीज करते हुए अभिभावकों को थाने में बुलाया और दोनों की काउंसलिंग करते हुए 25 हजार का चालान काटा। इसलिए आप भी अपने नाबालिग बच्चों को कोई भी वाहन देने से सावधान रहें। मोटर वाहन अधिनियम के तहत नाबालिग को वाहन देना अपराध है।