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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: डेटलाइन समाप्त होने के बाद 24 जुलाई तक भी ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर अकादमी नहीं पहुंचीं। अकादमी प्रशासन उनकी अनुपस्थिति पर अब कार्रवाई कर सकता है।
फर्जी विकलांगता और जाति प्रमाण पत्र जमा करने की आरोपी IAS ट्रेनी पूजा खेडकर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पूजा निर्धारित समय सीमा के भीतर मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में रिपोर्ट करने नहीं पहुंची। पूजा के चयन को लेकर विवाद शुरू होते ही उन्हें अकादमी में वापस बुलाकर उनकी ट्रेनिंग रोक दी गई और 23 जुलाई तक रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया था। 16 जुलाई को महाराष्ट्र के अतिरिक्त मुख्य सचिव नितिन गद्रे ने पूजा खेडकर को पत्र लिखकर सूचित किया कि उनकी ट्रेनिंग अवधि समाप्त कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार पूजा खेडकर ने अब तक न तो अकादमी में रिपोर्ट किया है और न ही पत्र का जवाब दिया है।
2023 बैच की ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर पर चयन के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और बेंचमार्क विकलांग व्यक्तियों (PWD) कोटा का दुरुपयोग करने का आरोप है। UPSC को अपनी पहचान के बारे में गलत जानकारी देने के आरोप में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने भी पूजा पर मामला दर्ज किया है। केंद्र ने उनके सभी दस्तावेजों की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति बनाई है। इस महीने की शुरुआत में पूजा खेडकर तब सुर्खियों में आई थीं, जब उन्हें परिवीक्षा अवधि के दौरान लाल बत्ती वाली निजी कार के उपयोग सहित दुर्व्यवहार की शिकायतों के चलते पुणे से वाशिम जिले में स्थानांतरित कर दिया गया था। पूजा खेडकर ने एक अलग कार्यालय, एक आधिकारिक वाहन और स्टाफ की भी मांग की थी।