उत्तराखंड के अपर मुख्य सचिव के नाम पर लाखों रुपये मांगने लगा ठग, कई लोगों को किये फोन

राजधानी देहरादून से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, यहाँ एक साइबर ठग ने मुख्य सचिव बनकर आठ लाख ठगने की कोशिश की।
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Cyber Crime in Deharadun: fraudster demands lakhs in the name of Additional Chief Secretary
Image: fraudster demands lakhs in the name of Additional Chief Secretary

देहरादून: एक साइबर ठग ने स्टांप विभाग के एक अधिकारी को फोन किया और खुद को अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन बताते हुए हरिद्वार के एक प्रॉपर्टी डीलर की जानकारी मांगी। जिसके बाद उसने प्रापर्टी डीलर से इलाज के लिए 8 लाख रुपये की जरूरत की मांग की।

fraudster demands lakhs in the name of Uttarakhand's Additional Chief Secretary

गुरुवार दोपहर स्टांप विभाग के एक अधिकारी को साइबर ठग ने फोन किया और खुद को अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन बताकर संपर्क किया। ठग ने अधिकारी से हरिद्वार के एक प्रॉपर्टी डीलर की जानकारी मांगी और अधिकारी ने डीलर का नंबर दे दिया। फिर ठग ने डीलर को फोन करके बताया कि उनके चाचा अस्पताल में भर्ती हैं और इलाज के लिए 8 लाख रुपये की जरूरत है। ठग ने एक खाता नंबर दिया और रकम जमा कराने के लिए कहा।

अपर मुख्य सचिव ने रकम जमा कराने से रोका

कारोबारी ने ठग को अपर मुख्य सचिव मानकर अपने लेखाकार को रकम जमा करने बैंक भेजा। इस बीच अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन को इस मामले की जानकारी मिल गई और उन्होंने कारोबारी को रकम जमा करने से रोक दिया। वर्धन ने इस घटना की सूचना एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, हरिद्वार और देहरादून के एसएसपी को दे दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि खाता सिलीगुड़ी का और मोबाइल नंबर पटना का है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और बैंक में सूचना देकर खाते को सीज कर दिया गया है।

कई अधिकारियों को फोन कर पैसों की मांग की

ठग ने प्रदेश के विभिन्न अधिकारियों को फोन करके पैसे की मांग की। उसने नैनीताल से पौड़ी तक कई अफसरों को निशाना बनाया। जब एक बार में बात नहीं बनी, तो उसने लगातार फोन कॉल्स कीं। जिन अधिकारियों ने उसे शक की निगाह से देखा या सवाल पूछे उनके कॉल ठग ने काट दिए। वहीं जिन्होंने सवाल नहीं किए उनके ऊपर उसने पैसे देने का दबाव बनाना जारी रखा। पुलिस मामले की जांच कर रही है जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।