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चम्पावत: असम राइफल्स में तैनात वारंट ऑफिसर गुणानंद चौबे आज अगस्त सुबह मणिपुर में उग्रवादियों के अचानक हमले में शहीद हो गए। उनकी वीरता और साहस को याद करते हुए पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया है।
लोहाघाट के चौबे गांव सुई के निवासी और असम राइफल्स में तैनात वारंट ऑफिसर गुणानंद चौबे पुत्र हरिदत्त चौबे 12 अगस्त की सुबह मणिपुर में उग्रवादियों के अचानक हमले में शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर मिलते ही पूरे लोहाघाट क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्राम प्रधान ने बताया कि गुणानंद चौबे मणिपुर में 22 बटालियन असम राइफल्स में वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात थे। वर्तमान में उनका परिवार दिल्ली में रहता है। शहीद गुणानंद अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटे को छोड़ गए हैं।
शहीद के अंतिम संस्कार की जगह का अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन उनके पार्थिव शरीर को असम राइफल्स कैंप में रखा गया है, जहां सेना द्वारा जरूरी कार्यवाही की जा रही है। इसके बाद पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उनका पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा जाएगा। क्षेत्र के लोग शहीद के परिजनों को सांत्वना देने उनके पैतृक आवास पहुंच रहे हैं और सभी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।