एसटीएफ के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है, रविवार को हुए एलटी एग्जाम सेंटर के बाहर से नकल माफिया गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया गया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Munnabhai Arrested For Giving LT Exam in Place of Someone Else
देहरादून: पुलिस ने सॉल्वर को भी गिरफ्तार किया है ये परीक्षा केंद्र में जाकर अभ्यर्थी की जगह पेपर देने वाला था। हालांकि उत्तराखंड एसटीएफ की मुस्तैदी ने उनकी इस साजिश को नाकाम कर दिया और दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
Munnabhai Arrested For Giving LT Exam in Place of Someone Else
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स ने एक बार फिर नकल माफियाओं का पर्दाफाश किया है। इस बार यूकेएसएसएससी की सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में बड़ा खेल करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन उत्तराखंड एसटीएफ ने समय रहते गिरोह के मास्टरमाइंड समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि यूपी के मेरठ का रहने वाला यह गिरोह उधम सिंह नगर में भर्ती परीक्षा में नकल कराने की फिराक में था। ये गिरोह कई राज्यों में सक्रिय होकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलता है।
गिरोह का मास्टरमाइंड कॉलेज के बाहर से हुआ गिरफ्तार
एसटीएफ को यह भी जानकारी मिली कि गिरोह का मास्टरमाइंड उधम सिंह अपने एक साथी की मदद से 18 अगस्त को UKSSSC की एलटी भर्ती परीक्षा में एक अभ्यर्थी की जगह सॉल्वर को बैठाकर परीक्षा दिलाने की योजना बना रहा था। इसके लिए 16 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। साथ ही एसटीएफ को पता चला कि उधम सिंह और उसके साथियों पर मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में फर्जी भर्ती का मामला दर्ज है और वह जेल भी जा चुका है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए एसटीएफ ने हरिद्वार में अलग-अलग टीमों को तैनात किया और आखिरकार एसटीएफ ने उधम सिंह और उसके साथी अनुपम कुमार को हरिद्वार के मायापुर इलाके में स्थित एसवीएम इंटर कॉलेज के बाहर से गिरफ्तार कर लिया जब वे सॉल्वर को परीक्षा में बैठाने जा रहे थे।
बिहार से बुलाया गया था पेपर सॉल्वर को
आरोपी उधम सिंह ने पेपर साल्व कराने के लिए अनुपम कुमार को बिहार से बुलाया था। एसटीएफ के अनुसार अनुपम को कुलदीप नाम के अभ्यर्थी की जगह परीक्षा में बैठना था। कुलदीप के रिश्तेदार सचिन से उधम सिंह की बात हुई थी और दोनों के बीच 18 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। उधम सिंह ने अनुपम को इस काम के लिए चार लाख रुपये देने का वादा किया था। प्रवेश पत्र पर कुलदीप की जगह अनुपम का फोटो प्रिंट किया गया था, ताकि वह आसानी से परीक्षा हॉल में जा सके। लेकिन इससे पहले ही उत्तराखंड एसटीएफ ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अनुपम परीक्षा हॉल के अंदर नहीं जा पाया। दोनों के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023 के तहत कोतवाली हरिद्वार में मुकदमा दर्ज किया गया है।