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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी सीबीएसई और ICSE बोर्ड के शिक्षकों से फर्राटेदार अंग्रेजी में पढ़ाई करते दिखाई देंगे। इसके अलावा बच्चों के लिए बेहतरीन खेल के मैदान भी आसानी से उपलब्ध होंगे।
उत्तराखंड सरकार शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल करने जा रही है, जिसके तहत राज्य में विद्यालयों के बीच संसाधनों की ‘शेयरिंग व्यवस्था’ को लागू किया जाएगा। यह योजना विभिन्न बोर्डों के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) के तहत संभव होगी, जिससे सरकारी और निजी विद्यालयों के बीच बेहतर शैक्षिक और खेल सुविधाओं का आदान-प्रदान हो सकेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार राज्यों को शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कई पहलुओं पर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, जिसमें यह व्यवस्था भी शामिल है। इस योजना से सरकारी विद्यालयों के छात्रों को प्राइवेट स्कूल के उच्च स्तरीय शिक्षकों और सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।
शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के अनुसार इस पहल के तहत निजी स्कूलों के अच्छे शिक्षक सरकारी विद्यालयों में जाकर पढ़ा सकेंगे, जबकि सरकारी विद्यालयों के अच्छे शिक्षक भी निजी स्कूलों में अपने अनुभवों को साझा करेंगे। इसके अलावा ‘शेयरिंग व्यवस्था’ से इंफ्रास्ट्रक्चर, जैसे खेल के मैदान और अन्य सुविधाओं का भी आदान-प्रदान किया जा सकेगा, जिससे छात्रों को बेहतर ग्राउंड और संसाधन उपलब्ध होंगे। यह कदम शिक्षा में गुणात्मक सुधार और राज्य में शैक्षिक समानता को बढ़ावा देने के लिए एक सकारात्मक पहल मानी जा रही है।