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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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रुद्रप्रयाग: भाजपा नेता और कार्यकर्ता केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के बीच संपर्क स्थापित करने में सक्रिय हैं। कैबिनेट मंत्री और विधायक गांव-गांव जाकर सीधे जनसंपर्क कर रहे हैं।
भाजपा ने केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों में जुटने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर के सभी पदाधिकारियों को दूरस्थ गांवों में जनसंपर्क करने का निर्देश दिया है। इस प्रक्रिया के तहत प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी जा रही है। दिवंगत विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद लगभग 92 हजार मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में उपचुनाव होना है और सूत्रों के अनुसार चुनाव की अधिसूचना कभी भी जारी हो सकती है। भाजपा किसी भी स्तर पर कमी नहीं रखना चाहती, इसलिए कैबिनेट मंत्री, विधायक और जिला स्तरीय पदाधिकारी गांव-गांव जाकर एक-एक मतदाता से संपर्क कर रहे हैं। मंडल स्तर पर प्रवास केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां पदाधिकारी जनसंपर्क की गतिविधियों की दैनिक रिपोर्ट हाईकमान और संगठन को सौंप रहे हैं।
भाजपा की रणनीति को देखते हुए यह स्पष्ट है कि वह बदरीनाथ और मंगलौर विधानसभा उपचुनाव में मिली हार से सबक ले चुकी है और विपक्ष को कोई मौका नहीं देना चाहती। केदारघाटी के बाजारों, कस्बों और गांवों में भाजपा का सक्रिय जनसंपर्क इस बात का संकेत है कि मुकाबला कड़ा होने वाला है। दायित्वधारी चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि केदारनाथ उपचुनाव के लिए भाजपा का हर कार्यकर्ता समर्पित भाव से काम कर रहा है। इस बीच केदारनाथ में भाजपा के संभावित प्रत्याशियों के नामों को लेकर चर्चाएं गर्म हैं, और समर्थक अपने-अपने नेताओं के पक्ष में कयासबाजी कर रहे हैं।