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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चम्पावत: पहाड़ के बेटे ने अपनी दिन रात की कड़ी मेहनत से देव भाषा संस्कृत विषय में UCG NET के परीक्षा उत्तीर्ण की है। ये सफलता हासिल कर उन्होंने परजनों के साथ जिले का भी मान बढ़ाया है।
आपको बता दें कि अमित तिवारी चम्पावत जिले के लोहाघाट ब्लॉक के इड़ाकोट गांव के मूल निवासी हैं। अमित वर्तमान में टनकपुर तहसील के छीनिगोठ में रहते हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा टनकपुर से पूरी की, और वर्तमान में वे उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार में अध्ययनरत छात्र हैं।
अमित तिवारी के परिवार से संस्कृत विषय को बहुत महत्त्व दिया है। उनके पिता महेश तिवारी ज्योतिष विद्या में ज्ञाता हैं और उनकी और उनकी माता शांति तिवारी गृहिणी हैं। अमित के दादा स्व हीराबल्लभ तिवारी भी अपने समय में संस्कृत भाषा के के प्रकांड विद्वान रहे हैं। अमित तिवारी ने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों और परिवार वालों को दिया है। अमित की इस उपलब्धि से उसके माता-पिता और गुरुजन अत्यधिक खुश हैं।
आपको बता दें कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) में उपलब्ध कराए गए विषयों में संस्कृत भी शामिल है। संस्कृत अन्य भाषाओं की तुलना में कठिन मानी जाती है, लेकिन फिर भी अधिकांश छात्र इसमें अच्छे अंक हासिल करते हैं। पाठ्यक्रम में वैदिक साहित्य, भारतीय दर्शन, व्याकरण, संस्कृत साहित्य, काव्यशास्त्र, पुराणेतिहास, धर्मशास्त्र और अभिलेखाशास्त्र शामिल होते हैं।