उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ने अनेक निर्देश जारी किए। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए कड़े निर्देश दिए।
Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
Image: Biometric attendance of principal and teachers will be linked to the treasury
देहरादून: उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने आवास स्थित कैंप कार्यालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की, जिसमे उन्होंने विभागीय अधिकारियों को अनेक निर्देश दिए।
Biometric attendance of principals and teachers will be linked to the treasury
रविवार 3 नवंबर को डॉ. धन सिंह रावत ने अपने आवास स्थित कैंप कार्यालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर कई विषयों पर चर्चा की और समाधान के लिए त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य और देश के विकास में उच्च शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है और इसकी गुणवत्ता और उन्नयन हमारा नैतिक दायित्व है। छात्र हित में हम सभी को अपनी भूमिका का ईमानदारी से निर्वहन करना है। इसके लिए उन्होंने महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में छात्रों सहित प्राचार्य एवं प्राध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
उन्होंने प्राचार्य एवं प्राध्यापकों सहित समस्त कार्मिकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति को कोषागार से जोड़ने के भी निर्देश जारी किए। उन्होंने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और उन्नयन पर मंथन के लिए 21 नवंबर को बनास पैठानी में उच्च शिक्षा परिषद् की बैठक आहूत करने के भी निर्देश जारी किए। उन्होंने विकसित भारत की संकल्पना के तहत राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर 26 जनवरी तक संगोष्ठी आयोजित करने को कहा है।
नैड डिजिलॉकर के जरिए होंगे परीक्षा परिणाम घोषित
राज्य के विश्वविद्यालयों को 30 नवंबर तक दीक्षांत समारोह कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। जो अपरिहार्य स्थिति में अधिकतम 15 दिसंबर तक हो सकता है। इसके अलावा राज्य के उच्च शिक्षण संस्थाओं को 31 मार्च तक राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) करने और उच्च शिक्षा के उन्नयन के लिए निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत अनिवार्य रूप से नैड डिजिलॉकर के माध्यम से ही समर्थ पोर्टल पर परीक्षा परिणाम घोषित करने के निर्देश दिए है जिससे क्रेडिट मैपिंग सुनिश्चित किया जा सके।
महिला सुरक्षा पर कड़े प्रावधान
इसके अलावा उन्होंने शिक्षण संस्थानों में छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर कड़े प्रावधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के छेड़छाड़ या अन्य किसी भी अभद्रता वाली घटना में अगर कार्मिक दोषी पाया जाता है तो कठोर विधिक कार्यवाही की जाएगी साथ ही उसे सेवा से भी बर्खास्त किया जायेगा।