उत्तराखंड: फर्जी तरीके से युवक को बना दिया पीआरडी जवान, ड्यूटी के दौरान हुआ खुलासा

बेरोजगारी के चलते युवक ठगी का शिकार हो गया और उसे फर्जी तरीके से पीआरडी जवान बना दिया गया। ड्यूटी के दौरान इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिससे मामला सामने आया।
Advertisement ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Fake PRD Jawan: Fraud Makes Unemployed Youth a PRD Jawan in Champawat
Image: Fraud Makes Unemployed Youth a PRD Jawan in Champawat

चम्पावत: सिप्टी का एक युवक शुक्रवार को पीआरडी की वर्दी में नगर में यातायात संभालता दिखा। पूछताछ में उसने बताया कि पिथौरागढ़ के एक व्यक्ति ने उसे ड्यूटी पर लगाया है और जल्द ज्वॉइनिंग पत्र मिलने की बात कही। पुलिस उसे कोतवाली ले गई जहाँ पूरे मामले की जांच हुई और सच सामने आया।

Fraud Makes Unemployed Youth a PRD Jawan in Champawat

चंपावत में शुक्रवार को यातायात व्यवस्था संभालते हुए एक फर्जी पीआरडी जवान का मामला सामने आया। सिप्टी निवासी युवक ने बताया कि वह पिथौरागढ़ के नरेंद्र बिष्ट के संपर्क में आया था, जिसने उसे नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। युवक ने 2022 में हल्द्वानी में 15 दिन का प्रशिक्षण लिया था। शुक्रवार को चंपावत पहुंचे पांच युवाओं ने उसे यातायात ड्यूटी करने को कहा। जब अन्य जवानों को शक हुआ, तो उन्होंने जिला युवा कल्याण अधिकारी जसवंत सिंह खड़ायत को सूचना दी।

पुलिस जांच में हुआ खुलासा

पुलिस ने युवक को कोतवाली लाकर पूछताछ की। युवक ने बताया कि उसने 1700 रुपये खर्च कर वर्दी खरीदी और एक वर्दी सिलने के लिए दी थी। उसके अनुसार नरेंद्र ने ज्वाइनिंग लेटर और वेतन जल्द देने का वादा किया था। युवक के चाचा भी कोतवाली पहुंचे और दोनों ने ठगी या पैसे मांगने के आरोप से इनकार किया। इस दौरान पुलिस ने नरेंद्र से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह शाम तक कोतवाली नहीं पहुंचा। एसपी अजय गणपति ने कहा कि पीड़ित युवक की शिकायत पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

बढ़ती बेरोजगारी का असर

बेरोजगारी के कारण युवक ने बिना किसी पुष्टि के नौकरी के झांसे को सच मान लिया। परिवार ने भी नरेंद्र की बातों पर भरोसा कर लिया, बिना यह समझे कि वे ठगी के शिकार हो रहे हैं। इस घटना से यह भी अंदेशा है कि लोहाघाट में कुछ अन्य युवाओं को भी इसी तरह फर्जी पीआरडी जवान बनाया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि इस ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।