केंद्र सरकार ने 23 राज्यों में पर्यटन स्थलों के विकास के लिए ₹3295 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है, इससे ऋषिकेश में भी लगभग 1500 लोगों को नौकरियां मिलने का अनुमान है..
Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
Image: Rishikesh Rafting base station to produce 1500 new jobs
ऋषिकेश: केंद्र सरकार ने पर्यटक स्थलों के विकास के लिए 23 राज्यों को 3295 करोड रुपए की धनराशि स्वीकृत की है, उसमें से 100 करोड रुपए ऋषिकेश में राफ्टिंग बेस स्टेशन बनाने में उपयोग किए जाएंगे।
Rishikesh Rafting base station to produce 1500 new jobs
केंद्र सरकार ने पर्यटन नगरी ऋषिकेश में आधुनिक राफ्टिंग 20 स्टेशन के निर्माण के लिए और राफ्टिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नए ढांचे के निर्माण के लिए यह धनराशि दी है। मौजूदा समय में ऋषिकेश में कम व्यवस्थाएं होने के कारण पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, चार धाम यात्रा के इस समय यह स्थिति और भयावह हो जाती है। दरअसल, चार धाम यात्रा के लिए उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को ऋषिकेश क्रॉस करना होता है। इसी समय सड़क पर राफ्टिंग के लिए होने वाली भीड़ चार धाम यात्रा को जाम से दुश्वार कर देती है।
राफ्टिंग बेस स्टेशन परियोजना
राफ्टिंग बेस स्टेशन परियोजना का उद्देश्य ऋषिकेश के राफ्टिंग पर्यटन में बुनियाद ढांचे की चुनौतियों से निपटना और कमियों को दूर करना है। इस परियोजना का उद्देश्य अंतर राज्य बस टर्मिनल पर राफ्टिंग संचालन को केंद्रित करना और साथ ही अधिक धन ख़र्च करने की क्षमता वाले पर्यटकों को आकर्षित करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए मानकीकृत बुकिंग प्रणाली और उन्नत सुविधाएँ प्रदान करना है।
विकसित होंगी सभी सुविधाएं
इस परियोजना द्वारा पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए शौचालय, कपड़े बदलने के लिए उचित व्यवस्था और सड़क किनारे खानपान की छोटी दुकानों जैसी आवश्यक सुविधाओं से परिपूर्ण केंद्रीकृत राफ्टिंग बेस स्टेशन का विकास शामिल है। इसमें तपोवन क्षेत्र में भीड़-भाड़ को कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्माण और सुरक्षा तथा दक्षता सुनिश्चित करने के लिए आईटीसी आधारित निगरानी प्रणाली को लागू करना भी शामिल है।
1500 लोगों को नौकरियां
इसके अलावा पर्यावरण स्थिरता को बढ़ावा देने और क्षेत्र के ईको सिस्टम को बनाए रखने के लिए एक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। इस परियोजना के माध्यम से लगभग 1500 लोगों को नौकरियां मिलने का भी अनुमान है। योजना के लिए ज़मीन राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी और इसे लागू भी राज्य सरकार ही करेगी।केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय इसकी निगरानी करेगा।योजना के लिए 66% राशि राज्यों को जारी कर दी गई है। केंद्र सरकार ने राज्यों से इस योजना के अंतर्गत विकसित हो रहे पर्यटन स्थलों के विकास के कार्यों को पूरा करने के लिए दो वर्षों की समय सीमा तय की है।