देश-विदेश से हजारों पर्यटक राफ्टिंग के लिए इको टूरिज्म जोन में पहुंचे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Rafting closed before time in Uttarakhand
ऋषिकेश: गंगा में राफ्टिंग के लिए उत्तराखंड पहुंचे हजारों पर्यटकों को निराशा का मुंह देखना पड़ा, क्योंकि आज से गंगा रिवर राफ्टिंग बंद कर दी गई है। गंगा का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की समस्या उत्पन्न होने के कारण रिवर राफ्टिंग को समय से पहले ही बंद कर दिया गया है।
Rafting closed before time in Uttarakhand
गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति टिहरी के सचिव जसपाल चौहान ने बताया कि उत्तराखंड में पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर आज, 24 जून से गंगा में राफ्टिंग को रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि इन दिनों प्रदेश में लगातार भारी बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण गंगा का जलस्तर दिनों दिन तेजी से बढ़ रहा है, गंगा जल में फ्लड भी आ रहा है। ऐसी स्थिति में गंगा में राफ्टिंग करना खतरनाक साबित हो सकता है।
पर्यटकों को निराश होकर लौटना पड़ रहा वापस
वैसे तो हर साल 1 जुलाई से गंगा में राफ्टिंग पर प्रतिबंध लगाया जाता था। लेकिन इस साल तेज बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण एक हफ्ते पहले राफ्टिंग को बंद कर दिया गया है। इसके बाद सितंबर महीने में गंगा के जलस्तर को देखते हुए तकनीकी टीम द्वारा हरी झंडी देने के बाद गंगा में राफ्टिंग का संचालन पुनः प्रारंभ किया जाएगा। गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति के सचिव जसपाल चौहान के निर्देशानुसार आज किसी भी कंपनी ने गंगा में राफ्ट नहीं उतारी। देश-विदेश से हजारों पर्यटक राफ्टिंग के लिए इको टूरिज्म जोन में पहुंचे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है।
50 प्रतिशत कम रही पर्यटकों की संख्या
राफ्टिंग समिति के अध्यक्ष दिनेश भट्ट ने जानकारी दी कि 'इको टूरिज्म जोन में 262 कंपनियां 576 राफ्ट के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों को रिवर राफ्टिंग का अनुभव प्रदान कर रही हैं। वर्तमान में, राफ्टिंग बंद होने के कारण हजारों राफ्टिंग संचालक अपने घरों में बैठे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पहलगाम आतंकवादी हमले, भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति और ऋषिकेश के आस-पास ट्रैफिक जाम के कारण इस बार राफ्टिंग करने वाले पर्यटकों की संख्या बीते सालों से लगभग 50 प्रतिशत कम रही है।