गढ़वाल यूनिवर्सिटी की छात्रा मोनिका को मिलेगी वॉइस किरण फेलोशिप। शोध छात्रा मोनिका हिमालय में अज्ञेय शैलों की उत्पत्ति और उनकी आयु के साथ ही हिमालय की जलवायु का परीक्षण जैसे महत्वपूर्ण शोध कर रही है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Garhwal University student Monika gets wise kiran fellowship
श्रीनगर गढ़वाल: महिलाओं को शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और प्रोत्साहित करने को लेकर भारत सरकार एक खास फेलोशिप देती है। इस फेलोशिप का नाम है वॉइस किरण फेलोशिप। यह फेलोशिप भारत सरकार के डिपार्मेंट आफ साइंस टेक्नोलॉजी द्वारा नेशनल लेवल पर दी जाती है। गढ़वाल विश्वविद्यालय के भू विज्ञान की शोध छात्र किरण का चयन इस फेलोशिप के अंतर्गत हुआ है।
Garhwal University student Monika gets wise kiran fellowship
गढ़वाल विश्वविद्यालय में पहली बार किसी छात्रा को राष्ट्रीय स्तर पर यह फेलोशिप मिली है। गढ़वाल विश्वविद्यालय के भूविज्ञान के प्रेसिडेंट प्रो० महेंद्र प्रताप सिंह बिष्ट और डॉ० अनिल दत्त शुक्ल के निर्देशन में पिछले 1 साल से मोनिका शोध कर रही हैं। अब उन्हें इस फेलोशिप के अंतर्गत तीन साल तक लगभग ₹37000 स्टाइफंड, TA-DA और अन्य खर्चो के लिए एक लाख रूपये दिए जायेंगे। गढ़वाल विश्वविद्यालय में किसी छात्रा को पहली बार यह बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।
आग्नेय शैलों पर कर रही हैं शोध
शोध छात्रा मोनिका हिमालय में अज्ञेय शैलों की उत्पत्ति और उनकी आयु के साथ ही हिमालय की जलवायु का परीक्षण जैसे महत्वपूर्ण शोध कर रही है। मोनिका ने धारी देवी मंदिर के साथ ही और रुद्रप्रयाग और कर्णप्रयाग के साथ बूढ़ा केदार में भी स्टडी की है। दरअसल लावे से जो चट्टान बनती है उसे आग्नेय शैल कहा जाता है जिन चट्टानों को लेकर मोनिका शोध कार्य कर रही हैं उनसे पाली मेटलिक्स आयरन कॉपर जैसे खनिज मिलने की भी प्रबल संभावना होती है जो देश और प्रदेश की आर्थिकी के लिए भी महत्वपूर्ण होता है।
शोध को नया आयाम देगी फेलोशिप
वाइस किरण नेशनल फेलोशिप मिलने के बाद मोनिका को नेशनल लेवल की लैबोरेट्रीज में भी काम करने का मौका मिलेगा। उनकी अभी तक की शोध को यह एक नया आयाम देने में मददगार साबित होगा। डॉ महेंद्र प्रताप सिंह बिष्ट ने मोनिका की कामयाबी पर खुशी मनाते हुए एक छोटा सा कार्यक्रम आयोजित कर शोध छात्र को सम्मानित किया। राज्य समीक्षा की ओर से भी बेटी मोनिका को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।