उत्तराखंड निकाय चुनाव: गढ़वाल के 9 बड़े BJP नेता 6 साल के लिए निष्काषित, निर्दलीय लड़ रहे थे चुनाव

पौड़ी नगर पालिका चुनाव में भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ जो नेता बगावत करके चुनाव में उतरे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रदेश अध्यक्ष के आदेश पर पार्टी के नियमों के तहत उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया है।
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
9 BJP leaders expelled: 9 BJP leaders of Garhwal expelled for 6 years
Image: 9 BJP leaders of Garhwal expelled for 6 years

पौड़ी गढ़वाल: कांग्रेस पार्टी के बाद अब उत्तराखंड में भाजपा ने भी बगावत कर निर्दलीय चुनाव में भाग ले रहे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण बीजेपी ने 9 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है।

9 BJP leaders of Garhwal expelled for 6 years

पार्टी ने यह फैसला उत्तराखंड में भाजपा नेताओं के बीच अनुशासन और एकता को बनाए रखने के लिए किया है। इसके अलावा, भाजपा संगठन अन्य संभावित असंतुष्ट नेताओं पर भी ध्यान दे रहा है, ताकि पार्टी के खिलाफ किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जा सके। पौड़ी नगर पालिका चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ जो नेता बगावत करके चुनाव में उतरे थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रदेश अध्यक्ष के आदेश पर पार्टी के नियमों के तहत उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया है।

बगावत करने वाले नेता

इसमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केसर सिंह नेगी, अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रही वीरा भंडारी, कुसुम चमोली, प्रियंका थपलियाल और वार्ड नंबर 2 से सभासद शुभम रावत, दिनेश बिष्ट, वार्ड नंबर 4 से राकेश गौशाली, वार्ड नंबर 9 से रंजना और प्रियंका बहुगुणा शामिल हैं, जो पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं।

पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में शामिल अन्य लोगों पहचान जारी

बीजेपी ने इन सभी नेताओं को पार्टी के खिलाफ बगावत करने के चलते पार्टी से 6 साल के लिए बाहर कर दिया है। कार्यकारी जिलाध्यक्ष कमल रावत ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के कहने पर चुनाव में हिस्सा ले रहे लोगों के खिलाफ यह कदम उठाया गया है। इसके अलावा, जो अन्य लोग पार्टी के खिलाफ गतिविधियों में शामिल हैं, उनकी पहचान भी की जा रही है।