Uttarakhand: साइबर फ्रॉड गैंग के 2 गुर्गे गिरफ्तार, फर्जी अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर भेजते थे विदेश

पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया तो कार सवार दो युवक कार से उतरकर भागने लगे टीम ने दौड़कर उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से दो 315 बोर के तमंचे, दो जिंदा कारतूस और कार से 9 लाख 80 हजार रुपये बरामद किए।
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2 cyber criminals arrested: 2 accused of cyber fraud gang arrested
Image: 2 accused of cyber fraud gang arrested

उधमसिंह नगर: पुलिस ने साइबर फ्रॉड के कारोबार में लिप्त दो बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 9 लाख 80 हजार रुपये नकदी समेत 2 तमंचे व 2 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों का संबंधित धाराओं में चालान किया है।

2 accused of cyber fraud gang arrested

एसओजी प्रभारी एसआई रवींद्र सिंह बिष्ट टीम के साथ गश्त कर रहे थे। एक मुखबिर ने बताया कि दो युवक अवैध असलहे और मोटी रकम के साथ आने वाले हैं। एसओजी की सूचना पर बांसफोड़ान चौकी इंचार्ज एसआई मनोज धौनी, कां. अनिल कुमार व अमरदीप भी मौके पर पहुंच गए तथा वाहनों की चेकिंग करने लगे। इस दौरान मोहल्ला महेशपुरा की तरफ से आ रही कार को पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने का इशारा किया तो कार सवार दो युवक कार से उतरकर भागने लगे तो टीम ने दौड़कर पकड़ लिया।

नौ लाख अस्सी हजार रुपये बरामद

पूछताछ में युवकों की पहचान चांद मस्जिद के पास, जसपुर निवासी मौ. दाउद पुत्र मौ. अय्यूब व मौ. नत्था सिंह, जसपुर निवासी तरुण भारद्वाज पुत्र मनोज शर्मा के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो 315 बोर के तमंचे, दो जिंदा कारतूस और कार से नौ लाख अस्सी हजार रुपये बरामद कर लिए। आरोपियों ने बताया कि व काशीपुर पैसे लेने आए थे। वे साइबर फ्रॉड में लोगो के पैसे ठगने वाले गिरोह का हिस्सा हैं।

इस तरह करते थे ठगी

उन्होंने कहा कि वे प्रियांशु नामक एक युवक को जानते हैं, जो दुबई में निवास करता है। प्रियांशु ऑनलाइन धोखाधड़ी में संलग्न है। वह धन को विभिन्न खातों में स्थानांतरित करता है, जहां से यह राशि एक नकली कंपनी के खातों में जाती है। इस बार यह जनता ट्रेडर्स के खाते में पहुंचा, जहां से रहमत शाह नामक एक फर्जी खाते में 25 लाख रुपये भेजे गए, और फिर यह पैसा उन खातों में आता है, जिनका नंबर हम प्रदान करते हैं।
इस राशि को निकालकर गोगी और नितिन अटवाल को दिया जाता है, जो हमें विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल करते हैं। यह धन डॉलर में परिवर्तित करके आगे भेज दिया जाता है। जो पैसे बरामद किया है, वह हमने अपने परिचित दिलशाद पुत्र वजीर अहमद, निवासी ढेला बस्ती, काशीपुर के खाते में इस बहाने से मंगवाए थे कि मुझे अपने परिचित से पैसे मंगवाने हैं और मेरा खाता ब्लॉक है। कल हमने उनके खाते में 9 लाख 90 हजार रुपये जमा कराए और उनसे 9 लाख 80 हजार रुपये मंगवा लिए थे। आज हम उन पैसों के साथ जा रहे थे।
दोनों युवकों ने बताया कि पैसे के लेनदेन को बढ़ाने और लोगों में डर पैदा करने के लिए उन्होंने ये तमंचे रखे थे, जिन्हें उन्होंने ठाकुरद्वारा में फैजान नामक व्यक्ति से प्राप्त किया था। साइबर धोखाधड़ी में जसपुर के कई लोग शामिल हैं, जिनमें सलमान उर्फ मोना मोबाइल, फरीद, अकबर, हफीज, देवेंद्र, फैजान उर्फ मोनू, बब्बू, हैदर बाजपुर, कृष्णा प्रियांश का भाई हल्द्वानी, और मोनिस हल्द्वानी शामिल हैं। पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही, पुलिस ने बरामद सामान को अपने कब्जे में लेकर कार को सीज कर दिया है।