बर्फबारी से केदारघाटी में भारी नुकसान हुआ है.. हर दूसरे और तीसरे दिन बर्फबारी से तैयारियों में भारी अड़चन आ रही है, कर्मचारी दो दिन में केदारनाथ मंदिर तक पहुंचे तो रिपोर्ट्स मिलीं हैं.. पढ़िए
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Heavy damage due to snowfall in Kedarnath Dham
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में इन दिनों चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियां जोरों-शोरों पर है। वहीं केदारनाथ धाम में अभी तीन फीट से अधिक बर्फ जमी है और पूरा मंदिर परिसर बर्फ से ढका हुआ है। बर्फबारी से कैंप कार्यालय, आवास भवनों की छतें और कार्यदायी संस्थाओं के कैंप को भारी नुकसान हो हुआ है।
Heavy damage due to snowfall in Kedarnath Dham
चार धाम यात्रा अगले महीने से शुरू हो जाएगी। 1 मई को बाबा केदार की पंचमुखी डोली अपने धाम पहुंचेगी और 2 मई को बाबा केदार के कपाट भी अपने भक्तों के लिए खुल जाएंगे। लेकिन वही सबसे बड़ा प्रश्न मुंह बाएं खड़ा है.. क्या इस बार यात्रा ठीक से मैनेज हो सकेगी?
ख़राब मौसम के कारण बर्फ नहीं पिघल रही
केदारनाथ धाम में अब तक 3 फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है। यहां मार्च महीने के पहले और दूसरे हफ्ते में भारी बर्फबारी हुई थी। इसके अलावा हर दूसरे और तीसरे दिन बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ मंदिर मार्ग से लेकर मंदिर परिसर और अन्य पूरा क्षेत्र बर्फ से ढका हुआ है। धाम में आए दिन मौसम खराब होने और ज्यादातर समय बादल छाए रहने के कारण बर्फ नहीं पिघल रही है। ऐसी स्थिति में केदारनाथ धाम यात्रा 2025 की तैयारियों में परेशानी हो रही है।
कार्यदायी संस्थाओं के कैंप बुरी तरह क्षतिग्रस्त
केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को खुल जाएँगे, ऐसे में यात्रा शुरू होने में आज से केवल 39 दिन बाकी हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता विनय झिक्वांण ने बताया कि उनके कर्मचारी दो दिन पैदल मार्ग से जैसे-तैसे केदारनाथ मंदिर तक पहुंचे तो देखा कि वहां एमआई-26 हेलिपैड के ऊपरी तरफ कार्यदायी संस्थाओं के कैंप बर्फबारी से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। साथ ही कैंप कार्यालय और आवास भवनों की छतें बर्फ से टूटी पड़ी हैं। केदारनाथ में बर्फबारी से कार्यदायी संस्थाओं के कैंप को व्यापक क्षति पहुंची है। बर्फबारी से इतना नुकसान होने के कारण यात्रा 2025 की तैयारियों में अड़चने आ रही है, दूसरी तरफ बार-बार मौसम खराब होने के कारण धाम में जमी बर्फ नहीं पिघल पा रही है।