देहरादून: मियांवाला को रामजीवाला बनाने पर भड़के स्थानीय राजपूत, बताया ये कारण

इस संबंध में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि यदि गलतफहमी कारण मियांवाला का नाम बदला गया है, तो उसमें सुधार किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मियांवाला का नाम वापस से मियांवाला करने की मांग की है।
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Name Changed of Miyanwala: Local Rajputs opposed the change of name of Miyanwala
Image: Local Rajputs opposed the change of name of Miyanwala

देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने हाल ही में राज्य के 17 स्थानों के नाम बदले हैं। देहरादून के मियांवाला का नाम बदलने पर, स्थानीय निवासी राजपूत समुदाय ने विरोध किया है। उनका कहना है कि यह नाम उनके पूर्वजों के सम्मान में दिया गया था, जिसे सरकार ने मुस्लिम का "मियां" समझकर बदल दिया है।

Local Rajputs opposed the change of name of Miyanwala

उत्तराखंड सरकार ने हाल राज्य के 17 अलग-अलग स्थानों ने नामों में बदलाव किया है। जिनमें देहरादून का मियांवाला भी शामिल है। इस पर मियांवाला के स्थानीय लोगों ने विरोध किया है। उन्होंने जिलाधिकारी डीएम बंसल के जरिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह तक अपनी बात पहुंचाई। उनका कहा है कि सरकार ने गलतफहमी के चलते मियांवाला का नाम रामजीवाला किया है। इस स्थान का नाम मियांवाला के "मियां पदवी" के कारण पड़ा है, मियां उपाधि मियांवाला के मूल राजपूत परिवारों को मिली थी। इन राजपूत परिवारों का टिहरी रिसासत से सीधा संबंध रहा है।

जानिए कैसे पड़ा मियांवाला नाम

इतिहासकार बताते हैं कि राजा प्रदीप शाह 60 साल (1709-1772) तक टिहरी रियासत के 51वें राजा थे। उनकी पत्नी हिमाचल प्रदेश की गुलेर रियासत से थीं। इस विवाह से गुलेर और टिहरी के रिश्ते बहुत मजबूत हुए। गुलेर रियासत के लोगों को 'मियां' कहा जाता था, जो सम्मान की बात थी। जब राजा की शादी हुई, तो रानी के साथ गुलेर से मियां लोग भी टिहरी आए। टिहरी के राजाओं ने उन्हें रिश्तेदार मानकर कई जागीरें दीं। देहरादून में मियांवाला जागीर भी उनमें से एक है।

CM से गलती सुधारने की मांग

बताया जाता है कि राजा प्रदीप शाह ने गुलेरिया राजपूतों को मियांवाला जागीर दी थी। आज भी लोग कहते हैं कि देहरादून की मियांवाला जागीर राजपूत परिवारों से जुड़ी है। इस बारे में स्थानीय लोगों ने एक सभा की। सभा में कहा गया कि यदि गलती से ऐसा हुआ है, तो इसे ठीक किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी के ज़रिए मुख्यमंत्री को एक पत्र भी भेजा है। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि यदि गलतफहमी कारण मियांवाला का नाम बदला गया है, तो उसमें सुधार किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मियांवाला का नाम वापस से मियांवाला करने की मांग की है।