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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चमोली: बदरीनाथ धाम के कपाट आज सुबह 6 बजे पूरे विधि-विधान और 'बदरी विशाल की जय' के जयकारों के साथ खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के दौरान सेना के बैंड की मधुर धुनों के साथ श्रद्धालुओं की भगवान बद्री विशाल के जयकारों की ध्वनि पूरे बद्रीनाथ धाम में गूँज उठी।
राज्य के चारों धामों में से तीन धामों के कपाट पहले की खुल चुके हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल को और केदारनाथ मंदिर के कपाट 2 मई को अक्षय तृतीया पर खोल दिए गए थे। तीन धामों के कपाट खुलने के बाद आज 4 मई की सुबह बदरीनाथ धाम के भी कपाट खुल गए हैं।