केदारनाथ और बदरीनाथ हाईवे को जोड़ने वाली टनल को अस्थायी रूप से खोल दिया गया है। यह टनल अब यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगी....
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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Image: Main tunnel of Kedarnath-Badrinath Highway opened
रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा शुरू होने के कुछ ही दिनों के भीतर ही हजारों श्रद्धालु धामों में दर्शन करने के पहुँच चुके हैं। चारधाम यात्रा को लेकर श्रदालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा हैं। सीएम धामी के निर्देश पर यात्रा को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए केदारनाथ हाईवे और बदरीनाथ हाईवे को जोड़ने वाली टनल को अस्थायी रूप से खोल दिया गया है।
Main tunnel of Kedarnath-Badrinath Highway opened
चारधाम यात्रा को लेकर श्रदालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा हैं। अब तक 189,212 से अधिक तीर्थयात्री चारों धामों में दर्शन कर चुके हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर केदारनाथ और बदरीनाथ हाईवे को जोड़ने वाली टनल को अस्थायी रूप से खोल दिया गया है। यह टनल अब यात्रियों के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगी, जिससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। इस टनल के खुलने से केदारनाथ हाईवे से यात्रा कर रहे श्रद्धालु बेलनी पोखरी मार्ग से सीधे बदरीनाथ हाईवे से जुड़ सकेंगे। इस मार्ग से रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार तक पहुँचने के आसानी होगी।
जाम से भी मिलेगी राहत
टनल के खुलने से यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ होगा। टनल के अस्थायी रूप से खुलने से यात्रा मार्ग पर भीड़ कम होगी, जिससे विशेष रूप से आपातकालीन सेवाओं जैसे एंबुलेंस, पुलिस और राहत वाहनों की आवाजाही भी सुगम हो सकेगी। प्रशासन ने इस टनल के रखरखाव और सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम किए हैं, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो। संबंधित विभागों को सतर्क रहने और मार्ग की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
वैकल्पिक मार्गों का निर्माण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार की प्राथमिकता है कि हर यात्री को सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार यात्रा का अनुभव मिले। इसी उद्देश्य से राज्य में यात्रा मार्गों को चौड़ा करने, वैकल्पिक मार्गों का निर्माण करने और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।