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उधमसिंह नगर: उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों का फर्जी एडमिशन दर्शाकर विभाग को वित्तीय क्षति पहुंचाने वाले अध्यापकों पर नकेल कस दी है। लगभग 200 विद्यार्थियों का फर्जी एडमिशन मिला है। डीईओ हरेंद्र मिश्रा ने इसकी पुष्टि करते हुए विद्यालय की हेड मास्टर को निलंबित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, सिडकुल के उकरौली गांव में संचालित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में लगभग 100 बच्चों का प्रवेश फर्जी तरीके से दर्शाया गया था। इस मामले के उजागर होने के बाद विभाग ने इसकी जांच शुरू की, जांच के दौरान फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई हो गई है। विभाग ने इस फर्जीवाड़े के मामले में विद्यालय के हेड मास्टर पूनम मिश्रा को निलंबित भी किया है।
इसके अलावा सितारगंज नगर के रामलीला ग्राउंड के समीप संचालित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में भी 100 बच्चों का फर्जी एडमिशन का मामला उजागर हुआ है। विभाग द्वारा विद्यालय स्टाफ की ओर से फर्जी एडमिशन दर्शाकर विभिन्न वित्तीय मद में पहुंचाई गई आर्थिक हानि की जांच की जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय प्रथम में अपार आईडी और सत्यापन के दौरान 200 बच्चों का फर्जी एडमिशन मिला है, जिसकी पुष्टि हो गई है। इस फर्जीवाड़े में विद्यालय की हेड मास्टर पूनम मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि फर्जीवाड़े की जांच लगभग तीन माह से चल रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग अब फर्जी दर्शाए गए बच्चों के मिड डे मील, ड्रेस, कॉपी आदि अन्य विभागीय मद से जारी हुई धनराशि के मामले की जांच पड़ताल कर रहा है।