उत्तराखंड: राष्ट्रस्तरीय VFX प्रतियोगिता में छाया बेरीनाग का कृष्णा, गोल्ड ट्रॉफी की हासिल

इस प्रतियोगिता में गंगोलीहाट के कृष्णा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड ट्रॉफी हासिल की है। कृष्णा ने इंटरनेट के माध्यम से स्वयं अध्ययन कर यह मुकाम हासिल किया है।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Krishna won gold trophy: Krishna won gold trophy in VFX competition
Image: Krishna won gold trophy in VFX competition

पिथौरागढ़: मुंबई में आयोजित वीएफएक्स प्रतियोगिता में गंगोलीहाट के कृष्णा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड ट्रॉफी हासिल की है। ये प्रतियोगिता देशभर के नामी संस्थानों के छात्र शामिल हुए थे।

Krishna won gold trophy in VFX competition

भारत सरकार की ओर से मुंबई में आयोजित वीएफएक्स प्रतियोगिता आयोजित की गई थी. इस प्रतियोगिता में गंगोलीहाट के कृष्णा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड ट्रॉफी हासिल की है। कृष्णा ने बिना किसी पेशेवर मार्गदर्शन के सिर्फ यूट्यूब और इंटरनेट के माध्यम से स्वयं अध्ययन कर यह मुकाम हासिल किया है। वीएफएक्स के प्रति अपने जुनून को और भी आगे बढ़ाते हुए कृष्णा का उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में अपनी तरह का पहला ऐसा प्रयास है। इस स्टूडियो के माध्यम से वह न सिर्फ खुद की क्रिएटिविटी को आकार दे रहे हैं, बल्कि डिजिटल आर्ट्स में रुचि रखने वाले युवाओं को अपने यूटूब चैनल के माध्यम से प्रशिक्षण भी दे रहे हैं।

स्नातक के छात्र हैं कृष्णा तल्लानी

कृष्णा तल्लानी पिथोरागढ़ जिले के गंगोलीहाट विकासखंड के दूरस्थ गांव तल्लापानी का मूल निवासी है। कृष्णा ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मबल के दम पर ये मुकाम हासिल किया है। कृष्णा के पिता मदन लाल सहित सभी परिजन उनकी इस सफलता से बेहद खुश हैं। कृष्णा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक विद्यालय गवासिकोट से प्राप्त की, उसके बाद राजकीय इंटर कॉलेज पिलखी से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की और वर्तमान में महाविद्यालय बेरीनाग से स्नातक कर रहे हैं।

गोल्डन ट्रॉफी के साथ एक लाख की धनराशि

कृष्णा ने बताया कि वह एक ऐसे क्षेत्र से आते हैं, जहां वीएफएक्स का नाम तक लोग नहीं जानते थे। जब मैं इसे सीखता था, तो लोग इसे समय की बर्बादी समझते थे। आज वही लोग अपने बच्चों को वीएफएक्स जैसे क्रिएटिव क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। कृष्णा की यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे पिथौरागढ़ ज़िले और उत्तराखंड राज्य के लिए गर्व की बात है। सीमित संसाधनों और तकनीकी जानकारी की कमी के बावजूद उन्होंने यह सफलता हासिल की है। कृष्णा को गोल्डन एवार्ड के साथ एक लाख की धनराशि भी मिली है कृष्णा को यह पुरस्कार मिलने पर विभिन्न संगठनों ने खुशी जताई है।