साइबर अपराधी ''सेना या सशस्त्र बलों के नाम पर ऑपरेशन सिंदूर के संदेश या लिंक भेजकर लोगों से ठगी का प्रयास कर रहे हैं। पूरे राज्य में साइबर ठगों से सतर्कता बरतने के लिए अलर्ट जारी किया गया है....
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Cyber criminals using Operation Sindur
देहरादून: साइबर अपराधी "ऑपरेशन सिन्दूर" की प्रसिद्धि का फायदा उठाते हुए सेना और सशस्त्र बलों के नाम लोगों से ठगी कर रहे हैं। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (साइबर) इस प्रकार की स्थिति से बचने के लिए लोगों को अलर्ट कर रही है।
Cyber criminals using Operation Sindur
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा जारी किए गए अलर्ट के अनुसार, साइबर अपराधी ऑपरेशन सिन्दूर की लोकप्रियता का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। ये साइबर अपराधी सशस्त्र बलों और सेना के नाम पर विभिन्न प्रकार के संदेश और कॉल करके लोगों को धोखा देते हुए चंदा मांग रहे हैं। इसके अलावा ये अपराधी अज्ञात फाइलें और लिंक भेजकर भी लोगों से ठगी कर रहे हैं। स्पेशल टास्क फोर्स लोगों से इस प्रकार ठगी से बचने के लिए अलर्ट रहने को कहा है।
साइबर ठगी से अलर्ट रहें
सीओ (साइबर) हल्द्वानी सुमित पांडे ने बताया कि सेना, अर्धसैनिक बल या किसी भी सरकारी संस्था द्वारा कभी भी सोशल मीडिया या संदेश के माध्यम से जनता से चंदा की मांग नहीं की जाती है। इसीलिए किसी भी अनजान स्रोत से प्राप्त संदेश, एपीके फाइल या लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें मोबाइल और कंप्यूटर में वायरस फैल गया है। इससे सिस्टम हैक होने और एक्सेस अपराधियों के हाथों में जाने का खतरा बढ़ गया है। इससे बचने के लिए टास्क फोर्स ने राज्य के सभी जिलों के कप्तानों को विशेष रूप से अलर्ट रहना का निर्देश दिया है।
सेना या सशस्त्र बलों के नाम पर ठगी
अंकुश मिश्रा, डिप्टी एसपी, साइबर टास्क फोर्स, उत्तराखंड, ने बताया की ये साइबर अपराधी ''सेना या सशस्त्र बलों के नाम पर ऑपरेशन सिंदूर के संदेश या लिंक भेजकर लोगों से ठगी का प्रयास कर रहे हैं। पूरे राज्य में साइबर ठगों से सतर्कता बरतने के लिए अलर्ट जारी किया गया है। लोगों में जागरूकता के फ़ैलाने के माध्यम से ही इन अपराधों को रोका जा सकता है। आपको बता दें कि साइबर अपराधियों द्वारा उत्तराखंड में वर्ष 2025 में अब तक विभिन्न लोगों से 90 करोड़ से अधिक की ठगी की जा चुकी है। हालांकि, इनमें से कुछ धनराशि पुलिस ने तात्कालिक शिकायत पर रोक या वापस कराई है।