Uttarakhand News: गढ़वाल में काउंसलिंग के बाद भी करवाई नाबालिग की शादी, दूल्हा सहित 4 गिरफ्तार

पुलिस ने काउंसलिंग के बाद किशोरी को उसके माता-पिता को सौंप दिया था। लेकिन उसके बाद किशोरी के माता-पिता और आकाश की मां ने आपसी सहमति से नाबालिग बच्ची का विवाह करवा दिया।
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marriage of minor girl: 4 arrested for marrying a minor girl
Image: 4 arrested for marrying a minor girl

कोटद्वार: एक ओर जहां हाईकोर्ट उत्तराखंड में बढ़ती कम उम्र की शादियों को लेकर चिंता व्यक्त कर रहा है, जिसके लिए लोगों में जागरूकता लाने की की कोशिश की जा रही है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश में हर दिन नाबालिग बच्चियों की शादियों के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। अब यहां पौड़ी गढ़वाल में नाबालिग बच्ची का विवाह कराने के आरोप में किशोरी के माता-पिता, दूल्हा और उसकी मां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

4 arrested for marrying a minor girl

जानकारी के अनुसार बीते चार जुलाई को पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उक्त व्यक्ति ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि आकाश नाम के युवक और उसकी मां नीतू ने उनकी 17 वर्षीय नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाया और अपने साथ भगाकर ले गए । जिसके बाद आकाश ने उनकी नाबालिग बेटी के साथ जबरन विवाह कर लिया। उन्होंने बताया था कि आरोपी मां-बेटे उत्तरप्रदेश राज्य के बिजनौर के रायपुर, सादात के मूल निवासी हैं। जिसके बाद पीड़िता के पिता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर आरोपी माँ-बेटे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

अपना घर छोड़कर भाग गई थी किशोरी

ये मामला एक नाबालिग बच्ची से जुड़े होने के कारण एसएसपी ने इसे गंभीरता से लिया और मामले में जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद एसएसपी के निर्देशानुसार पुलिस टीम ने इस मामले की जांच की। जांच के दौरान पुलिस टीम को पता चला कि नाबालिग लड़की और आकाश के बीच दोस्ती थी, जिसके चलते तीन महीने पहले यानि 8 अप्रैल 2025 को किशोरी अपना घर छोड़कर भाग गई। अपना घर छोड़ने के बाद किशोरी आकाश के साथ उसके घर चली गई थी।

पुलिस काउंसलिंग के बाद भी करवाई शादी

पुलिस जांच के बाद उन्हें कोतवाली बुलाया गया, पुलिस के बुलाने पर आकाश की मां नीतू नाबालिग बच्ची को कोटद्वार कोतवाली लाई थीं। कोतवाली में पूछताछ के दौरान किशोरी ने अपने बयान में बताया कि आकाश और उसकी मां ने उसके साथ किसी भी तरह की जबरदस्ती या दुष्कर्म नहीं किया है। कोटद्वार पुलिस ने काउंसलिंग के बाद किशोरी को उसके माता-पिता को सौंप दिया था। लेकिन पुलिस काउंसलिंग के बाद किशोरी के पिता और माता और आकाश की मां ने आपसी सहमति से नाबालिग बच्ची और आकाश का विवाह कर दिया। यह मामला जब पुलिस प्रशासन की निगरानी में आया तो इसपर दोबारा कार्रवाई की गई। जिसके बाद ये मामला न्यायालय में पहुँच गया। न्यायालय के आदेश पर नाबालिग बच्ची के माता-पिता, आकाश और उसकी मां नीतू को गिरफ्तार कर पौड़ी जेल भेज दिया गया है।