सीएम ने परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली अनुग्रह राशि में 1 करोड़ लाख की बढ़ोतरी की है। इस घोषणा के बाद परमवीर चक्र विजेताओं को वार्षिक अनुदान राशि के रूप में मिलने वाले तीन लाख रुपयों के साथ ही डेढ़ करोड़ रुपए अनुग्रह राशि भी मिलेगी।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
Image: Kargil Vijay Diwas 2025
देहरादून: कारगिल विजय दिवस 2025 की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैनिकों को एक खास उपहार दिया है। सीएम ने परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली अनुग्रह राशि में 1 करोड़ लाख की बढ़ोतरी की है। इस घोषणा के बाद परमवीर चक्र विजेताओं को वार्षिक अनुदान राशि के रूप में मिलने वाले तीन लाख रुपयों के साथ ही डेढ़ करोड़ रुपए अनुग्रह राशि भी मिलेगी।
Kargil Vijay Diwas 2025
दरअसल, सीएम धामी ने खटीमा में आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली अनुग्रह राशि को बढ़ाने की घोषणा की थी। इसके बाद, सैनिक कल्याण विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर सीएम धामी को मंजूरी के लिए भेजा था, जिस सहमति मिल गई है। जिसके बाद परमवीर चक्र विजेताओं को मिलने वाली राशि में पूरे 1 करोड़ रूपये की वृद्धि गई है। आपको बता दें कि जून 2022 से पहले परमवीर चक्र विजेता को मिलने वाली अनुग्रह राशि ₹30 लाख थी, जिसे 10 जून 2022 को कैबिनेट ने बढ़ाकर ₹50 लाख करने का निर्णय लिया। इसके बाद, 14 जुलाई 2022 को इस संबंध में शासनादेश भी जारी हो गया। अब मुख्यमंत्री ने इस धनराशि को ₹50 लाख से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपए कर दिए हैं।
अनुशासन, त्याग और सेवा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह घोषणा कारगिल विजय दिवस 2025 की पूर्व संध्या पर की है। अब परमवीर चक्र विजेता सैनिकों को डेढ़ करोड़ रुपए अनुग्रह राशि मिलेगी और वार्षिक अनुदान राशि के रूप में तीन लाख रुपए भी मिलते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की सीमाएं हमारे वीर सैनिकों के शौर्य, साहस और बलिदान के कारण सुरक्षित हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वो सैनिकों की वीरता, समर्पण और बलिदान का सम्मान करे। उत्तराखंड न केवल देवभूमि है, बल्कि वीरभूमि भी है, जिसने देश को अनेक वीर सैनिक दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक सैनिक और उसके परिवार का जीवन अनुशासन, त्याग और सेवा का उदाहरण होता है। राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार ठोस और प्रभावी निर्णय ले रही है।