अवैध लिंग परीक्षण में भ्रूण में लड़की होने की पुष्टि होने पर पूर्व डॉक्टर दिव्यांशी गोयल और ससुराल पक्ष ने अवैध रूप से ज्योति का गर्भपात करा दिया। अस्पताल से घर जाते समय रास्ते में ज्योति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Case filed against five people in dowry abortion and murder case
रुद्रपुर: उत्तराखंड के रुद्रपुर में दहेज, अवैध लिंग परीक्षण और हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला अस्पताल की पूर्व संविदा महिला डॉक्टर दिव्यांशी गोयल सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतका के पिता बलराम अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से ससुराल वालों और डॉक्टर दिव्यांशी गोयल पर दहेज, अवैध लिंग परीक्षण, अवैध गर्भपात और हत्या का आरोप लगाया है।
Case filed against five people in dowry abortion and murder case
जानकारी के अनुसार आवास विकास, रुद्रपुर, जिला उधम सिंह नगर निवासी बलराम अग्रवाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी बेटी ज्योति की शादी 22 अप्रैल 2023 को प्रतापपुर नानकमत्ता निवासी दिपांशु मित्तल से हुई थी। शादी में 51 लाख रुपये नकद, इनोवा कार, सोने के जेवर, 15 लाख रुपये के कपड़े और चार लाख के बर्तन व गृहस्थी का सामान दिया गया था। इसके बावजूद ज्योति के ससुरालियों ने दहेज को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताडित करना शुरू किया। 26 दिसंबर 2023 को ज्योति ने एक बेटी को जन्म दिया, इससे गुस्सा होकर उसके पति दिपांशु मित्तल, सास इंदु मित्तल, ससुर सुनील मित्तल, ननद डॉ. दिव्यांशी गोयल और जेठ हिमांशु मित्तल ने मिलकर ज्योति के साथ मारपीट की। इसके बाद ससुरालियों ने उस पर एक करोड़ रुपये और फॉर्च्यूनर कार लाने का दबाव बनाना शुरू किया।
भ्रूण में लड़की होने की पुष्टि होने पर गर्भपात
ज्योति इस साल यानि 2025 में फिर से गर्भवती हुई तो उसके ससुरालियों ने जबरन उसका लिंग परीक्षण कराया। भ्रूण में लड़की होने की पुष्टि होने पर पूर्व डॉक्टर दिव्यांशी गोयल और ससुराल पक्ष ने अवैध रूप से उसका गर्भपात करा दिया। गर्भपात में लापरवाही के कारण ज्योति की तबीयत बिगड़ने लगी। उसके बाद 4 जुलाई 2025 को ससुराल वालों ने मायके वालों को फोन कर बताया कि ज्योति का व्यवहार अजीब हो रहा है और उसे नशा मुक्ति केंद्र, नोएडा ले जाया जा रहा है। जब उसके पिता वहां पहुंचे तो डॉक्टरों ने बताया कि ज्योति की तबियत नशे के कारण नहीं बल्कि गलत दवाइयों के कारण हालत बिगड़ी है।
संदिग्ध परिस्थितियों में ज्योति की मौत
उसके बाद डे-केयर अस्पताल में ज्योति का MRI कराया गया, जिसमें उसके मस्तिष्क में ब्लीडिंग पाई गई। स्थिति गंभीर होने पर 10 जुलाई को उसे गुरुग्राम के एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती किया गया। लेकिन 11 जुलाई को ससुरालियों ने उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कराया और घर ले गए। अस्पताल से घर जाते समय रास्ते में ज्योति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
महिला डॉक्टर सहित पांच पर मुकदमा दर्ज
मृतका के पिता बलराम अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से ससुराल वालों और डॉक्टर दिव्यांशी गोयल पर हेज, अवैध लिंग परीक्षण, गर्भपात और हत्या का आरोप लगाया है। मृतक ज्योति के पिता द्वारा दी गई तहरीर के आधार पुलिस ने पति, सास, ससुर, ननद और जेठ के खिलाफ दहेज हत्या, लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात कराने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।