एनएच लोनिवि खंड के अधिशासी अभियंता ओंकार पाण्डेय ने बताया कि अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबे पुल का काम मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा। आगामी चारधाम यात्रा सीज़न में पुल पर वाहनों की आवाजाही संभव है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: 200 meter long bridge on Alaknanda will be ready by March
रुद्रप्रयाग: रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी पर बन रहा 200 मीटर लंबा पुल अब लगभग तैयार है। इस पुल का कार्य पूरा होने के बाद बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही रुद्रप्रयाग में लंबे समय से चल रही जाम की समस्या से भी राहत मिल जाएगी।
200 meter long bridge on Alaknanda will be ready by March
केदारनाथ हाईवे को बदरीनाथ हाईवे से जोड़ने के लिए पहले फेज में बीआरओ ने जवाड़ी बाईपास और मंदाकिनी नदी पर पुल का निर्माण कर लिया था। दूसरे फेज में जागतोली तिराहे से कोटेश्वर तिराहे तक 900 मीटर लंबी सुरंग भी बन चुकी है। अब तीसरे चरण में अलकनंदा नदी पर 200 मीटर पुल का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह पूरी परियोजना 156 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। इसे पहले सितंबर 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन तकनीकी खामियों और मौसम संबंधी बाधाओं के कारण काम में देरी हो गई। अब विभाग का दावा है कि पुल जल्द पूरा होकर आवागमन के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
मार्च तक तैयार होगा पुल
एनएच लोनिवि खंड के अधिशासी अभियंता ओंकार पाण्डेय ने बताया कि रुद्रप्रयाग बाईपास पर उपचारात्मक कार्य तेजी से चल रहा है, अगले दो सप्ताह में मार्ग पूरी तरह सुचारू होने की उम्मीद है। बाईपास खुलते ही शहर के ट्रैफिक पर भारी राहत मिलेगी। इसके अलावा बरसात के दौरान जवाड़ी बाईपास को काफी नुकसान हुआ है और उसके उपचार का कार्य भी अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबे पुल का काम मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा। आगामी चारधाम यात्रा सीज़न में पुल पर वाहनों की आवाजाही संभव है।
जाम की समस्या से मिलेगा छुटकारा
भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट ने बताया कि बदरी-केदार हाईवे जुड़ने से यात्रियों को मुख्य बाजार में प्रवेश किए बिना शॉर्टकट मार्ग मिलेगा। रुद्रप्रयाग और चमोली जिले के स्थानीय लोगों को भी जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। अलकनंदा नदी पर पुल निर्माण पूरा होने के बाद बाईपास और सुरंग के माध्यम से वाहनों की आवाजाही सुचारू हो जाएगी, जिससे रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।