बुधवार को भी रुद्रप्रयाग जिले में फीटर भरत सिंह चौधरी पर भालू ने हमला कर दिया। भालू के हमले से वे बुरी तरह घायल हो गएय.. अब श्रीनगर बेस चिकित्सालय में उनका इलाज चल रहा है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Bharat Singh Chaudhary of Rudraprayag was attacked by bear
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के गढ़वाल में भालू का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, हर दिन एक नई घटना सामने आ रही है। बुधवार को भी रुद्रप्रयाग जिले में फीटर भरत सिंह चौधरी पर भालू ने हमला कर दिया। हालांकि उन्होंने पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचा ली। अब श्रीनगर बेस चिकित्सालय में उनका इलाज चल रहा है।
Bharat Singh Chaudhary of Rudraprayag was attacked by bear
जानकारी के अनुसार बीते बुधवार सुबह करीब 7 बजे रुद्रप्रयाग जिले के कोट मल्ला क्षेत्र में फीटर भरत सिंह चौधरी पर भालू ने हमला कर दिया। दरअसल भरत सिंह रोज की तरह ग्राम पंचायत की पानी व्यवस्था के लिए गांव से करीब 500 मीटर ऊपर स्थित टैंक की ओर गए थे। पानी खोलकर जब वे वापस घर की ओर लौट रहे थे, उसी दौरान झाड़ियों से निकलकर एक भालू ने उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि भरत सिंह और भालू के बीच करीब 10 मिनट तक संघर्ष चलता रहा। इस दौरान भालू के पंजों से भरत सिंह के शरीर पर काफी गंभीर चोटें भी आईं। लेकिन वो किसी तरह एक पेड़ पर चढ़ गए, जिससे उनकी जान बच गई। उसके बाद भालू भी जंगल की ओर चला गया।
भालूओं के हमलों से लोगों में दहशत
ग्रामीणों की मदद से उन्हें तुरंत रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें श्रीनगर बेस चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बीते कई दिनों क्षेत्र (खासकर हरियाली वैली क्षेत्र) में भालू की गतिविधियां बढ़ती ही जा रही हैं। भालूओं के लगातार बढ़ते हमलों से लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल गश्त बढ़ाने, सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त करने और भालू को पकड़ने या भगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार रुद्रप्रयाग जिले में जनवरी से अब तक भालू के हमलों में 15 लोग घायल हो चुके हैं।
7 से 8 अति संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित
रुद्रप्रयाग प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने बताया के अनुसार, भालू अब अपनी लोकेशन तेजी से बदल रहा है और नई जगहों पर पहुंचकर हमले कर रहा है। उसका खानपान भी पहले की तुलना में बदल रहा है। इस वर्ष बारिश देर तक होने और ठंड के देर से आने के कारण मौसम में आए बदलाव का असर जंगली जानवरों के व्यवहार पर भी दिखाई दे रहा है। जिले में लगभग 7 से 8 अति संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, जहां 9 से 10 भालू सक्रिय होकर मानवों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
उप प्रभागीय वनाधिकारी देवेंद्र पुंडीर ने बताया कि भालू को आबादी वाले क्षेत्र से दूर भगाने के लिए वन विभाग की टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया है, इसके साथ ही र स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।