ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना के 5 स्टेशनों के वित्तीय टेंडर खुलने के साथ ही सभी 13 स्टेशनों की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। परियोजना का सबसे बड़ा कर्णप्रयाग टर्मिनस स्टेशन होगा, जहां 26 लाइनें बिछेंगी...
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: With 26 lines Karnaprayag will become the largest terminus
चमोली: सामरिक और विकासात्मक दृष्टि से बेहद अहम ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना में बड़ा अपडेट सामने आया है। परियोजना के पांच रेलवे स्टेशनों के वित्तीय टेंडर खुल गए हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण और परियोजना का सबसे बड़ा स्टेशन कर्णप्रयाग भी शामिल है। इसके साथ ही परियोजना के सभी 13 स्टेशनों से संबंधित टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब चयनित कंपनियों को तीन महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
With 26 lines, Karnaprayag will become the largest terminus
ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन में कुल 13 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें बीरभद्र और योगनगरी ऋषिकेश स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं और यहां से ट्रेनों का संचालन भी शुरू हो गया है। वहीं शिवपुरी और ब्यासी स्टेशन पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। परियोजना के पैकेज-2 के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों में देवप्रयाग, जनासू, मलेथा और श्रीनगर (चौरास) के वित्तीय टेंडर भी खोल दिए गए हैं। इनके तकनीकी टेंडर पहले ही खुल चुके थे, अब वित्तीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
कर्णप्रयाग बनेगा टर्मिनस स्टेशन, 26 लाइनें बिछेंगी
परियोजना का सबसे बड़ा स्टेशन कर्णप्रयाग रेलवे स्टेशन होगा, जिसे टर्मिनस स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यह स्टेशन पैकेज-4 में शामिल है और यहां कुल 26 रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। कर्णप्रयाग स्टेशन का तकनीकी टेंडर 20 नवंबर को खुला था और अब इसका वित्तीय टेंडर भी खुल गया है। परियोजना के पैकेज-3 के अंतर्गत आने वाले स्टेशन धारी देवी, तिलनी, घोलतीर और गौचर के लिए तकनीकी और वित्तीय दोनों टेंडर पहले ही खुल चुके हैं। अब कंपनियां इन स्टेशनों के निर्माण हेतु सामग्री और उपकरण पहुंचाने में जुट गई हैं।
दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) ने परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। यह परियोजना वर्ष 2019 में शुरू हुई थी और पहले इसे 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य था, जिसे अब बढ़ाकर दिसंबर 2028 कर दिया गया है।
ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना
कुल लागत: ₹16,216 करोड़
कुल लंबाई: 126 किमी
कुल सुरंगें: 17
सुरंगों में रेल लाइन: 105 किमीसबसे लंबी सुरंग: 14.08 किमी (देवप्रयाग–जनासू)
सबसे छोटी सुरंग: 200 मीटर (सेवई–कर्णप्रयाग)
6 किमी से अधिक लंबाई वाली सुरंगें: 11
परियोजना के 13 स्टेशन
बीरभद्र, योगनगरी ऋषिकेश, शिवपुरी, ब्यासी, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर (चौरास), धारी देवी, रुद्रप्रयाग (सुमेरपुर), घोलतीर, गौचर और कर्णप्रयाग (सेवई)
RVNL अधिकारी का बयान
आरवीएनएल के उप महाप्रबंधक (सिविल) ओपी मालगुड़ी के अनुसार, पैकेज-2 और पैकेज-4 के स्टेशनों के वित्तीय टेंडर भी खुल गए हैं। कंपनियों को तीन माह में निर्माण कार्य शुरू करना होगा। परियोजना के 13 स्टेशनों में 2 पर संचालन शुरू हो चुका है, 2 पर निर्माण जारी है और अन्य स्टेशनों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है।