Uttarakhand News: बनारसी गांव में भंडारे के बाद खूनी बवाल, पुलिस हिरासत में 40 से अधिक ग्रामीण

रुड़की के बनारसी गांव में संत रविदास जयंती के भंडारे के बाद हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद महिलाओं और बुजुर्गों समेत 40 से अधिक ग्रामीणों को हिरासत में लिया गया है और गांव में पीएसी तैनात कर दी गई है।
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Roorkee village violence: Roorkee Village Erupts in Violence After Ravidas Jayanti Feast
Image: Roorkee Village Erupts in Violence After Ravidas Jayanti Feast

रुड़की: रुड़की क्षेत्र के बनारसी गांव में संत रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित भंडारे के बाद हुए हिंसक बवाल ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। हालात काबू में रखने के लिए गांव में पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

Roorkee Village Erupts in Violence After Ravidas Jayanti Feast

पुलिस के अनुसार, रविवार को भंडारा समाप्त होने के बाद गांव के ही आनंद (27), उसका भाई विशाल (25), योगेंद्र घाघा (23), गगनदीप और जोनी शौच के लिए जंगल की ओर जा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों से किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई। विवाद कुछ ही मिनटों में हिंसा में बदल गया और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए।

एक की मौत कई घायल

आरोप है कि दूसरे पक्ष के 30 से 35 लोग अवैध हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसी बीच आनंद को पेट के पास गोली लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं विशाल गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुआ, योगेंद्र के चेहरे के पास छर्रे लगे और गगनदीप के पैर में गोली लगी। इनके अलावा जोनी पर तमंचे की बट से हमला कर उसे घायल कर दिया गया। घटना के बाद हमलावर हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।

आक्रोशित भीड़ ने किया पलटवार, आगजनी और तोड़फोड़

फायरिंग की घटना से गुस्साई भीड़ ने मुख्य आरोपी के मकान में आग लगा दी। आग में दो मोटरसाइकिलें और घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। इसके अलावा गांव के सात घरों में जमकर तोड़फोड़ की गई। हालात इतने बिगड़ गए कि कई परिवार जान बचाकर घर छोड़ने को मजबूर हो गए।

पुलिस हिरासत में 40 से अधिक ग्रामीण

पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए महिलाओं और बुजुर्गों समेत 40 से अधिक ग्रामीणों को हिरासत में लिया है। गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है और अधिकांश लोग पुलिस कार्रवाई के डर से अपने घरों से बाहर चले गए हैं।

दोनों पक्षों की ओर से दर्ज हुए मुकदमे

इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कराए हैं—
एक पक्ष की ओर से 8 लोगों के खिलाफ हत्या, बलवा और आगजनी का मुकदमा दर्ज।
दूसरे पक्ष की ओर से 18 लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है।
पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

गांव में पीएसी तैनात, हालात पर कड़ी नजर

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव में PAC के जवानों की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि हालात अब नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए चौकसी बढ़ा दी गई है।

दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “घटना बेहद गंभीर है। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।”
संत रविदास जयंती जैसे शांतिपूर्ण धार्मिक आयोजन के बाद हुई यह हिंसा प्रशासन और समाज दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति है और पुलिस की कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में जांच के बाद पूरे मामले की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।