मुरादाबाद हादसे में चार लोगों की मौत के बाद उत्तराखंड सरकार ब्ला-ब्ला कार-शेयरिंग प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रही है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand May Ban BlaBlaCar After Fatal Moradabad Accident
देहरादून: मुरादाबाद के मूंढ़ापांडे में हुए भीषण सड़क हादसे में हल्द्वानी के चार लोगों की मौत के बाद उत्तराखंड सरकार ने कार-शेयरिंग प्लेटफॉर्म BlaBlaCar के संचालन पर सख्ती बढ़ा दी है। परिवहन विभाग इस प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है।
Uttarakhand May Ban BlaBlaCar After Fatal Moradabad Accident
विभागीय स्तर पर इस मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है और शासन को प्रारंभिक रिपोर्ट भी भेजी जा चुकी है। यदि कंपनी की ओर से संचालन संबंधी स्पष्ट जवाब नहीं मिलता है, तो राज्य में इसकी सेवाओं पर रोक लगाने का निर्णय लिया जा सकता है।
नियमों के उल्लंघन के आरोप
अधिकारियों के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के जरिए निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, जो मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन है। व्यावसायिक उपयोग के लिए परमिट, टैक्स और बीमा अनिवार्य होते हैं, जो कई मामलों में नहीं पाए गए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा और जिम्मेदारी किसकी होगी। मूंढ़ापांडे हादसे ने इस पूरी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।
पहले भी भेजा गया था नोटिस
परिवहन विभाग ने पहले भी कंपनी को ई-मेल के जरिए नोटिस भेजकर पूछा था कि उत्तराखंड में किस वैधानिक अनुमति के आधार पर यह सेवा चलाई जा रही है। लेकिन अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
बड़े स्तर पर चल रहा नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के जरिए रोजाना बड़ी संख्या में निजी वाहन देहरादून, हल्द्वानी, हरिद्वार से लेकर दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम और नोएडा तक संचालित हो रहे हैं। इन वाहनों में यात्रियों का सत्यापन और चालक की पृष्ठभूमि स्पष्ट नहीं होती।
हादसे ने क्यों बढ़ाई सख्ती
मूंढ़ापांडे (मुरादाबाद) हादसे में जिस कार का एक्सीडेंट हुआ, वह इसी प्लेटफॉर्म के जरिए बुक बताई गई थी। चालक ने अलग-अलग स्थानों से यात्रियों को बैठाया था, जिससे जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हुआ।
कानूनी रूप से कहां फंस रहा मॉडल
निजी वाहन से किराया लेकर सवारी ढोना व्यावसायिक उपयोग माना जाता है
इसके लिए परमिट, टैक्स और व्यावसायिक बीमा जरूरी
दुर्घटना में जिम्मेदारी तय करना मुश्किल
प्लेटफॉर्म की स्थानीय जवाबदेही स्पष्ट नहीं
परिवहन विभाग की तैयारी
संदिग्ध वाहनों की पहचान कर चेकिंग अभियान
नियम तोड़ने वालों पर चालान
कंपनी से अंतिम जवाब मांगा जाएगा
शासन स्तर पर प्रतिबंध का प्रस्ताव संभव