FIDE-Rated Chess: तेजस तिवारी ने मात्र 5 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के FIDE रैंक शतरंज खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा। उन्हें लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स का प्रमाणपत्र मिला।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Youngest FIDE-Rated Chess Player Tejas Tiwari Makes History
हल्द्वानी: छोटी उम्र में बड़े सपने देखने वाले ही इतिहास रचते हैं, और उन्हें सच करने का हौसला ही असली पहचान बनाता है। मेहनत और लगन के साथ अगर शुरुआत जल्दी हो जाए, तो सफलता भी उम्र से पहले कदम चूम लेती है। उत्तराखंड के तेजस तिवारी ने बेहद कम उम्र में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो बड़े-बड़े खिलाड़ी भी वर्षों की मेहनत के बाद हासिल कर पाते हैं।
Youngest FIDE-Rated Chess Player Tejas Tiwari Makes History
उत्तराखंड के होनहार बच्चे तेजस तिवारी ने मात्र 5 साल, 5 महीने और 7 दिन की उम्र में FIDE रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि उन्हें दुनिया के सबसे कम उम्र के FIDE रैंक शतरंज खिलाड़ियों में शामिल करती है। इतनी छोटी उम्र में इस स्तर तक पहुंचना उनकी असाधारण प्रतिभा और समर्पण को दर्शाता है।
खेल के साथ पढ़ाई में भी उत्कृष्ट
जानकारी के अनुसार छोटी सी उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धी हासिल करने वाले तेजस तिवारी उत्तराखंड के हल्द्वानी के मूल निवासी हैं। तेजस खेल के साथ पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। वर्तमान में वे दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा तीन के छात्र हैं। तेजस तिवारी ने बहुत कम उम्र में ही अपनी रुचि और प्रतिभा को पहचान लिया था। उन्होंने केवल 3.5 साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। शुरुआती दिनों से ही उनकी पकड़ खेल पर मजबूत थी और उन्होंने तेजी से अपनी स्किल्स को विकसित किया। यही कारण है कि इतनी कम उम्र में वह FIDE रैंक हासिल करने में सफल रहे। आगे पढ़िए
Limca Book of Records ने दी मान्यता
तेजस की इस ऐतिहासिक उपलब्धि को Limca Book of Records ने भी मान्यता दी है। उन्हें इस रिकॉर्ड के लिए प्रमाणपत्र प्रदान किया गया, जो जून 2024 में जारी हुआ था। हालांकि यह सम्मान उन्हें औपचारिक रूप से अप्रैल 2026 में प्राप्त हुआ। इस प्रमाणपत्र के साथ तेजस का नाम देश के प्रतिष्ठित रिकॉर्ड धारकों की सूची में दर्ज हो गया है, जो उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इतनी कम उम्र में पढ़ाई और खेल दोनों में संतुलन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन तेजस ने यह साबित कर दिखाया है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से दोनों क्षेत्रों में सफलता हासिल की जा सकती है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान
तेजस तिवारी ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन किया। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे राज्य और देश को गर्व महसूस कराया है। आने वाले समय में उनसे और भी बड़े मुकाम हासिल करने की उम्मीद की जा रही है।