पौड़ी में 18 हजार टन कूड़ा हटाकर ‘रजत जयंती पार्क’ बनाया गया। DM स्वाति भदौरिया की पहल से ‘वेस्ट टू वंडर’ का शानदार उदाहरण सामने आया।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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Image: Swati Bhadauria Transforms Waste Site Into Beautiful Park in Pauri
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के पौड़ी जिले में एक प्रेरणादायक बदलाव देखने को मिला है, जहां कभी नर्सरी रोड स्थित पुराने रैन बसेरे के पास कूड़े का अंबार लगा रहता था। इस स्थान से गुजरना भी लोगों के लिए मुश्किल और असहज अनुभव होता था। लेकिन अब उसी जगह पर एक सुंदर और सुव्यवस्थित ‘रजत जयंती पार्क’ विकसित किया गया है, जिसने पूरे क्षेत्र की तस्वीर ही बदल दी है। यह परिवर्तन प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति और योजनाबद्ध कार्यशैली का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है।
Swati Bhadauria Transforms Waste Site Into Beautiful Park in Pauri
इस बदलाव की शुरुआत तब हुई जब जिलाधिकारी Swati S Bhadauria ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और वहां फैली गंदगी को गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर नगर निगम श्रीनगर ने तुरंत विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत वर्षों से जमा लगभग 18 हजार टन कूड़े को हटाकर गिरीगांव स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में शिफ्ट किया गया। कूड़ा हटने के बाद खाली भूमि को समतल किया गया और उसके सुनियोजित विकास की प्रक्रिया शुरू की गई।
‘वेस्ट टू वंडर’ थीम पर विकसित हुआ पार्क
खाली हुई जमीन को ‘वेस्ट टू वंडर’ थीम पर विकसित किया गया, जिससे बेकार पड़ी जगह को एक आकर्षक और उपयोगी सार्वजनिक स्थल में बदला जा सके। इस पार्क में बच्चों के खेलने के लिए झूले और अन्य उपकरण लगाए गए हैं। साथ ही टहलने के लिए पाथवे, बैठने के लिए बेंच, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और लगभग 50–60 वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। हरियाली और स्वच्छ वातावरण इस पार्क को और भी खास बनाते हैं।
अब सन्नाटे की जगह चहल-पहल
जहां पहले यह स्थान सुनसान और बदबूदार था, वहीं अब यहां सुबह और शाम लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है। स्थानीय निवासी यहां टहलने आते हैं, बच्चे खेलते हैं और परिवार के लोग सुकून के पल बिताते हैं। इस बदलाव ने न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाई है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक प्रभाव डाला है। आगे पढ़िए
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अहम भूमिका
इस परियोजना को सफल बनाने में प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिलाधिकारी Swati S Bhadauria ने उपजिलाधिकारी श्रीनगर के सहयोग की सराहना की। वहीं महापौर Aarti Bhandari ने बताया कि यह स्थान पहले कूड़ा निस्तारण की बड़ी समस्या था, जिसे चुनौती के रूप में लेकर नगर निगम ने इसे एक सुंदर पार्क में बदल दिया।
‘वेस्ट टू वंडर’ बना प्रेरणा का मॉडल
यह पहल केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को एक मजबूत संदेश देती है कि पुरानी और अनुपयोगी वस्तुओं का सही उपयोग कर उन्हें नई पहचान दी जा सकती है। ‘वेस्ट टू वंडर’ की यह अवधारणा न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देती है, बल्कि संसाधनों के पुनः उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक भी करती है। पौड़ी का यह ‘रजत जयंती पार्क’ आज एक मिसाल बन चुका है, जो अन्य शहरों और गांवों को भी इस दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करता है।