कुमाऊं क्षेत्र में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए Kathgodam bypass प्रोजेक्ट मई से शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद Haldwani और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था काफी बेहतर हो जाएगी।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Kathgodam Bypass Project to Start in May to Reduce Traffic in Kumaon
नैनीताल: कुमाऊं क्षेत्र के लोगों और पर्यटकों के लिए राहत की खबर है। Kathgodam बाईपास प्रोजेक्ट का काम मई से शुरू होने जा रहा है। शुरुआत में पहाड़ी कटान और सुरक्षा से जुड़े कार्य किए जाएंगे, इसके बाद सड़क और पुल निर्माण चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बाधा वनभूमि हस्तांतरण थी, लेकिन अब केंद्र से इसकी विधिवत मंजूरी मिल चुकी है। इससे निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है और अब परियोजना तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।
Kathgodam Bypass Project to Start in May to Reduce Traffic in Kumaon
वर्तमान में Haldwani से Bhimtal, Bhowali, Almora, Champawat और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोगों को Nariman Chowk से होकर गुजरना पड़ता है। इसके बाद वाहन कलसिया पुल, गुलाबघाटी, रानीबाग होते हुए HMT Tiraha से डायवर्ट होते हैं। इसी मार्ग का उपयोग Nainital, ज्योलीकोट, गेठिया और भुजियाघाट जाने वाले यात्री भी करते हैं। भारी ट्रैफिक दबाव के कारण यह पूरा क्षेत्र जाम का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
रोजाना 40 हजार से ज्यादा वाहनों का दबाव
लोक निर्माण विभाग के वर्ष 2023 के सर्वे के अनुसार पर्यटन सीजन में Nariman Chowk से Ranibagh के बीच प्रतिदिन 40 हजार से अधिक वाहन आवाजाही करते हैं। इतनी बड़ी संख्या में वाहनों के कारण Kathgodam से रानीबाग तक का इलाका स्थानीय लोगों के लिए “जाम प्वाइंट” बन गया है। प्रस्तावित बाईपास के तहत गौला पुल से नदी किनारे जंगल क्षेत्र से होकर लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह मार्ग एचएमटी पुल पार करने के बाद भीमताल जाने वाली सड़क से जुड़ जाएगा। इस कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए करीब 75 मीटर लंबा पुल भी तैयार किया जाएगा। इससे वाहनों को एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और मुख्य मार्ग पर दबाव कम होगा। आगे पढ़िए..
करीब 25 करोड़ की लागत से बनेगा प्रोजेक्ट
इस बाईपास परियोजना पर कुल लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। विभिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग बजट निर्धारित किया गया है। बिजली लाइन और पोल शिफ्टिंग पर करीब 2.93 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि पहाड़ी कटान पर 1.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दीवार, पुलिया निर्माण और अन्य सुरक्षा कार्यों पर 4.56 करोड़ रुपये का अनुमान है। पुल निर्माण के लिए 11.75 करोड़ रुपये और सड़क निर्माण व डामरीकरण के लिए करीब 4 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं
इस परियोजना की एक बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए निजी जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बाईपास के लिए 3.27 हेक्टेयर वनभूमि के हस्तांतरण की अनुमति मिल चुकी है। यदि यह परियोजना आबादी वाले क्षेत्र में होती तो मुआवजे के कारण लागत और बढ़ जाती। लेकिन जंगल क्षेत्र में निर्माण होने से परियोजना को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग की भवाली डिवीजन के अनुसार 5 मई को पहाड़ी कटान और सुरक्षा कार्यों के लिए टेंडर खोले जाएंगे। ठेकेदार का चयन होते ही मई महीने में ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।