Lohaghat में 10वीं के एक छात्र ने 73% अंक आने से निराश होकर आत्महत्या का प्रयास किया। छात्र को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और इलाज जारी है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Class 10th Student Attempts Suicide in Lohaghat
नैनीताल: उत्तराखंड के Lohaghat क्षेत्र से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां 10वीं कक्षा के एक छात्र ने बोर्ड परीक्षा में अपेक्षा से कम अंक आने के बाद आत्महत्या का प्रयास किया। इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है और परिवार गहरे सदमे में है।
Class 10th Student Attempts Suicide in Lohaghat
जानकारी के अनुसार छात्र को उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में 73 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए थे। हालांकि यह एक सामान्य से बेहतर प्रदर्शन माना जाता है, लेकिन छात्र इससे संतुष्ट नहीं था और मानसिक दबाव में आ गया। बताया जा रहा है कि वह तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा है और पढ़ाई को लेकर गंभीर रहता था। घटना के समय छात्र घर के अंदर था। इसी दौरान पड़ोस की एक बच्ची किसी काम से उसके कमरे में पहुंची और वहां का दृश्य देखकर घबरा गई। उसने तुरंत परिवार के सदस्यों को सूचना दी। परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और छात्र को फंदे से नीचे उतारकर उसकी जान बचाई। आगे पढ़िए..
अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर
परिजनों द्वारा छात्र को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। हालत गंभीर होने के चलते उसे आगे बेहतर इलाज के लिए Champawat जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार छात्र की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।
परीक्षा तनाव बना बड़ी वजह
यह घटना छात्रों में बढ़ते परीक्षा तनाव और मानसिक दबाव को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंक जीवन का अंतिम पैमाना नहीं होते, लेकिन कई बार अपेक्षाओं और दबाव के कारण छात्र मानसिक रूप से टूट जाते हैं। यदि कोई छात्र या व्यक्ति मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो उसे अकेले नहीं रहना चाहिए। परिवार, मित्र या किसी विशेषज्ञ से बात करना बेहद जरूरी है। समय पर मदद मिलना कई बार जीवन बचा सकता है।