उत्तराखंड: बेटी ने पति के साथ मिलकर की पिता की हत्या, पुलिस ने दोनों को जम्मू-कश्मीर से दबोचा

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में ससुर की हत्या के मामले में फरार बेटी और दामाद को जम्मू-कश्मीर के कटरा से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और गंभीर आरोप सामने आए हैं।
Advertisement 90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
Father-in-Law Murder Case: Daughter and Son-in-Law Arrested in Murder Case
Image: Daughter and Son-in-Law Arrested in Murder Case

अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र स्थित सैली गांव में हुए चर्चित हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के बाद फरार चल रहे मृतक की बेटी और दामाद को जम्मू-कश्मीर के कटरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अल्मोड़ा लाया गया, जहां उनसे पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Daughter and Son-in-Law Arrested in Murder Case

पुलिस के अनुसार 20 जून की रात सैली गांव निवासी चंद्रशेखर पर उनके दामाद धर्मवीर शर्मा और बेटी जानकी पांडे ने धारदार हथियार से हमला किया था। गंभीर रूप से घायल चंद्रशेखर को इलाज के लिए हल्द्वानी ले जाया गया, जहां अगले दिन उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों की शिकायत पर दन्या थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में चला सर्च ऑपरेशन

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तीन विशेष टीमें गठित कीं। जांच के दौरान दिल्ली, हरियाणा, पंजाब सहित कई राज्यों में आरोपियों की तलाश की गई। करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, होटल और ढाबों की जांच की गई तथा तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई। 23 जून को आरोपियों की कार हरियाणा के हिसार से बरामद हुई। इसके बाद मिली तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के कटरा में स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि शादी से पहले मृतक द्वारा बेटी के साथ कथित अत्याचार किए जाने के कारण वे लंबे समय से रंजिश रखते थे। आगे पढ़िए..

पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने करीब एक महीने पहले हत्या की योजना बनाई थी। गांव पहुंचने के लिए पैसे जुटाने हेतु उन्होंने अपने कुछ आभूषण बेचने की भी योजना बनाई और फिर घटना को अंजाम दिया। ध्यान दें: ये दावे पुलिस जांच और आरोपियों के कथित बयानों पर आधारित हैं। इन आरोपों की न्यायालय में सुनवाई होना अभी बाकी है और अंतिम सत्य का निर्धारण अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद

पुलिस ने आरोपी धर्मवीर शर्मा की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दरांती और खून से सनी कमीज भी बरामद कर ली है। बरामद सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले, जिसके चलते उन्हें इस मामले में आरोपी नहीं बनाया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी धर्मवीर शर्मा का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। हरियाणा में उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।

पुलिस टीम को मिला पुरस्कार

सफल जांच और गिरफ्तारी के लिए गठित पुलिस टीम की सराहना करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
अल्मोड़ा का यह हत्या मामला कई राज्यों तक फैली पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से सुलझाया गया। अब आगे की जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और न्यायालय की कार्यवाही के आधार पर मामले की कानूनी दिशा तय होगी।