उत्तराखंड: पुलिस थानों को उड़ाने की धमकी देने वाला 'जसप्रीत डेविल' गिरफ्तार, कर्णप्रयाग विवाद था कारण

हरियाणा के अंबाला निवासी जसप्रीत सिंह को उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों को बम से उड़ाने की कथित धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार धमकी इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई थी।
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Uttarakhand Police: Haryana Man Arrested for Threatening to Bomb Uttarakhand Police Stations
Image: Haryana Man Arrested for Threatening to Bomb Uttarakhand Police Stations

देहरादून: उत्तराखंड पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से कथित बम धमकी देने वाले हरियाणा के अंबाला निवासी जसप्रीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी "Jaspreet Devil" से उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी भरी टिप्पणी पोस्ट की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर तकनीक की मदद से आरोपी की पहचान की गई और उसे देहरादून पहुंचने के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।

Haryana Man Arrested for Threatening to Bomb Uttarakhand Police Stations

पुलिस के अनुसार, धमकी भरी पोस्ट सामने आने के बाद पूरे मामले की तत्काल जांच शुरू की गई। सबसे पहले आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह अपने घर पर नहीं मिला। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने वकील के साथ देहरादून आने वाला है। पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने सहारनपुर रोड पर घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया।

कर्णप्रयाग विवाद से था नाराज

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से बताया कि वह चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच हुए विवाद तथा उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई से नाराज था। उसने बताया कि सोशल मीडिया पर इस घटना से संबंधित वीडियो और पोस्ट देखने के बाद उसके मन में आक्रोश पैदा हुआ। इसी गुस्से में उसने 25 जून को इंस्टाग्राम पर धमकी भरी टिप्पणी पोस्ट कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया कि उसका उद्देश्य लोगों में भय का माहौल बनाना और उत्तराखंड पुलिस को चुनौती देना था।

मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की होगी जांच

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपी के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि धमकी भरी पोस्ट के पीछे कोई अन्य व्यक्ति, समूह या संगठित नेटवर्क शामिल था या नहीं।

साइबर निगरानी मजबूत: पुलिस

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर की गई प्रत्येक गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है और आधुनिक साइबर तकनीक के माध्यम से ऐसे मामलों में आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने कहा कि किसी भी प्रकार की धमकी, फर्जी सूचना या दहशत फैलाने वाली सामग्री मिलने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।