देहरादून में विजिलेंस टीम ने ट्रैप ऑपरेशन के दौरान बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी पर बिजली कनेक्शन और लोड बढ़ाने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप है।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: Dehradun JE Caught Taking 80000 Bribe by Vigilance Team
देहरादून: राजधानी देहरादून में मंगलवार, 17 मार्च को विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। बिजली विभाग में तैनात एक जूनियर इंजीनियर (JE) को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
Dehradun JE Caught Taking ₹80,000 Bribe by Vigilance Team
आरोपी जूनियर इंजीनियर अतुल कुमार पर आरोप है कि उसने एक उपभोक्ता से उसकी पत्नी के नाम पर खरीदे गए अपार्टमेंट में बिजली कनेक्शन जारी करने और विद्युत भार (लोड) बढ़ाने के बदले 80 हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित इस अवैध मांग से परेशान था और रिश्वत देने के बजाय उसने सतर्कता अधिष्ठान में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने मामले की जांच की और आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की योजना बनाई।
ट्रैप ऑपरेशन में रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया। मंगलवार को कार्रवाई के दौरान आरोपी जेई अतुल कुमार को पीड़ित से 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद टीम ने मौके पर ही जरूरी साक्ष्य जुटाए और आरोपी को हिरासत में ले लिया। इस पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया।
बिजली विभाग में मचा हड़कंप
इस घटना के सामने आने के बाद बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है। सहकर्मियों और अधिकारियों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह मामला विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है, जिस पर अब सख्ती से कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
विजिलेंस निदेशक वी मुरुगेशन के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में कोई अन्य कर्मचारी या अधिकारी शामिल तो नहीं है। जांच के बाद और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
जनता से सतर्कता की अपील
सतर्कता विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी किसी भी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है, तो उसकी तुरंत शिकायत करें। विभाग का कहना है कि जनता के सहयोग से ही भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकता है।
देहरादून में हुई यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश है। विजिलेंस टीम की सक्रियता से यह साफ है कि अब रिश्वतखोरी के मामलों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।